Seraikela Kharsawan News : शाखा प्रबंधक और व्यवसायी को 10-10 साल की सजा

को-ऑपरेटिव बैक सरायकेला में 33 करोड़ रुपये गबन के तीन दोषियों को सजा हुई

चाईबासा. चाईबासा के एसीबी (एंटी करप्शन ब्यूरो) के विशेष न्यायाधीश पीयूष श्रीवास्तव की अदालत ने सरायकेला को-ऑपरेटिव बैंक में 33 करोड़ रुपये के गबन मामले में गुरुवार को फैसला सुनाया है. अदालत ने मामले के मुख्य अभियुक्त तत्कालीन शाखा प्रबंधक सुनील कुमार सतपति और व्यवसायी संजय कुमार डालमिया को 10-10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनायी है. इसके साथ दोनों पर 1 लाख 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है. वहीं, इस साजिश में शामिल बैंक कर्मचारी मनीष देवगम (निवासी तुईबीर, चाईबासा) को अदालत ने 5 साल की सजा सुनायी है. उस पर 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है. इन अभियुक्तों ने मिलीभगत कर बिना उचित दस्तावेजों के और फर्जी लोन स्वीकृत कर बैंक से कुल 33 करोड़ रुपये का गबन किया था.

2019 में दर्ज हुआ था केस, सीआइडी ने की थी जांच:

मामले के अनुसार, आरोपियों ने वर्ष 2013-14 के दौरान सरायकेला के सहकारी बैंक से लगभग 33 करोड़ रुपये की अवैध निकासी की थी. इस संबंध में वर्ष 2019 में सरायकेला थाना में धोखाधड़ी और फर्जी तरीके से रुपये गबन की प्राथमिकी दर्ज करायी थी. मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने इसकी जांच की जिम्मेदारी अपराध अनुसंधान विभाग (सीआइडी) को सौंपी थी. सीआइडी ने विस्तृत जांच के बाद न्यायालय में अपनी रिपोर्ट दाखिल की थी, जिसके आधार पर कोर्ट ने यह महत्वपूर्ण फैसला सुनाया.

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By ATUL PATHAK

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