दलहन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनता जा रहा है जिला

– आधुनिक तकनीक से किसान कर रहे है दलहन की खेती : कालीपद फोटो22एशेकेल-3- कालीपद महतोसरायकेला. सरायकेला खरसावां जिला दलहन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाता जा रहा है. आत्मा परियोजना के माध्यम से समय-समय पर दिये जा रहे प्रशिक्षण से किसान प्रशिक्षण प्राप्त कर आधुनिक तकनीक से खेती कर रहे हैं. इस संबंध में जिला […]

– आधुनिक तकनीक से किसान कर रहे है दलहन की खेती : कालीपद फोटो22एशेकेल-3- कालीपद महतोसरायकेला. सरायकेला खरसावां जिला दलहन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाता जा रहा है. आत्मा परियोजना के माध्यम से समय-समय पर दिये जा रहे प्रशिक्षण से किसान प्रशिक्षण प्राप्त कर आधुनिक तकनीक से खेती कर रहे हैं. इस संबंध में जिला कृषि पदाधिकारी कालीपद महतो ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2014-15 में दलहन वर्ग की खेती में चना 10500 हेक्टेयर, मसूर 3000 हेक्टेयर व मटर 2000 हेक्टेयर में खेती करने का लक्ष्य रखा गया था. इसमें से चना में 8484 हेक्टेयर, मसूर में 2425 हेक्टेयर व मटर में 1620 हेक्टेयर का आच्छादन किया गया था. मटर व मसूर की खेती में किसान काफी उत्साह दिखा रहे हैं. कई किसान श्री विधि से चना व मटर की खेती कर रहे हैं. जिससे कम लागत पर अधिक उत्पादन हो रहा है. उन्होंने बताया कि जिला के सभी प्रखंड में किसान दलहन की खेती आधुनिक तकनीक से कर रहे हैं.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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