पटमदा : दलमा इको सेंसेटिव जोन के अधीन आने वाले पटमदा, बोड़ाम, नीमडीह, चांडिल व एनएच समेत 85 गांव के पंचायत प्रतिनिधि, ग्राम प्रधान व बुद्धिजीवी रविवार को डिमना स्थित मिर्जाडीह फुटबॉल मैदान में जलन मार्डी की अध्यक्षता में इको सेंसेटिव जोन के विरोध में एक बैठक की. बैठक में शामिल पार्षद प्रदीप बेसरा ने कहा कि अनुसूचित क्षेत्रों में सरकार का विस्थापन नीति यहां का आदिवासी कभी बरदाश्त नहीं करेगा.
संबंधित वन विभाग के खिलाफ गांव-गांव में लोगों के बीच जागरूकता अभियान चला कर आंदोलन किया जायेगा. प्रमुख जितेन मुमरू ने कहा कि ग्राम सभा के माध्यम से क्षेत्र का सव्रे कर सरकार द्वारा युवाओं को रोजगार से जोड़ने वाली कानून बनाये न विभाग द्वारा जंगल क्षेत्रों में जंगली जानवरों के नाम पर योजना तैयार कर सरकारी राशि का बंदरबांट करे. इससे पूर्व लोगों ने गांव गणराज्य जिंदाबाद, अपना गांव अपना राज, सबसे ऊंची ग्राम सभा आदि का नारा लगाया. असम में मारे गये आदिवासियों के आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रख कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गयी.
कार्यक्रम को कपूर बागी, मंगल कालिंदी, हरमोहन महतो, मेनका किस्कू, सुकांति किस्कू, नील रतन पाल, कृष्णा पदो सिंह, सोमचांद मुमरू, देवेन सिंह, बलदेव सिंह, दिवाकर टुडू, जलन मांडी, परितोष गोप, सुरेश महतो, किंकर महतो, लाल मोहन सिंह, कंचन सिंह, खगेन सिंह, कुसूम कमल सिंह, प्रबोध उरांव, चुनाराम टुडू, मनबोध, भक्त रंजन भूमिज, प्रफुल्ल सिंह, सीताराम टुडू, चंद्र मोहन महतो, कृष्णा हांसदा, सोमचांद मांडी, सुकूराम माझी, श्रीकांत हांसदा, सुधीर किस्कू, शुकलाल हेंब्रम आदि ने संबोधित किया. कार्यक्रम का संचालन सुखलाल पहाड़िया ने किया. इस मौके पर सैकड़ों पुरुष महिलाएं पारंपारिक हथियार के साथ शामिल थे.
