सरायकेला. शहरी क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में बिजली के खंभे से झूलती तार तथा जर्जर बिजली के खंभे से कभी भी दुर्घटना घट सकती है, क्योंकि खंभे से निकलने वाली तारों की संख्या में अधिकता व जर्जर खंभे होना माना जा रहा है. सरायकेला के विभिन्न वार्डों में बिजली के खंभे जर्जर हो चुके हैं. यूं कहें कि जब से बिजली विभाग द्वारा खंभा गाड़ा गया है, आज तक इसे बदला नहीं गया है और न ही तार को बदला गया है. कई पोल तो नीचे झुक गयी है और उसमें दुर्घटना होने का खतरा और बढ़ गया है. स्थानीय लोगों का कहना है कि पूर्व में नगर पंचायत को इस विषय में सूचना दिया जा चुका है, परंतु खंभा को बदलने के लिए किसी प्रकार की पहल नहीं की गयी है. लोगों ने बताया कि तीन वर्ष पूर्व जर्जर तार को ठीक करने के क्रम में एक बिजली मिस्त्री की मौत खंभा के टूट कर गिर जाने से हो चुकी है. खंभा इस वर्ष के आंधी-तूफान में टिक नहीं पायेगी. इस पर संशय है.ऊपर से तार आपस में सटे होने के कारण कभी भी शॉट सर्किट हो सकता है और बड़ी दुर्घटना घट सकती है.
जर्जर बिजली के तार व खंभा से घट सकती है बड़ी दुर्घटना
सरायकेला. शहरी क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में बिजली के खंभे से झूलती तार तथा जर्जर बिजली के खंभे से कभी भी दुर्घटना घट सकती है, क्योंकि खंभे से निकलने वाली तारों की संख्या में अधिकता व जर्जर खंभे होना माना जा रहा है. सरायकेला के विभिन्न वार्डों में बिजली के खंभे जर्जर हो चुके हैं. […]
