आदिवासी बच्चों के लिए इस वर्ष 461 एकलव्य विद्यालय खोलेंगे

खरसावां : भारत सरकार के आदिवासी मामलों के कैबिनेट मंत्री अर्जुन मुंडा ने बुधवार को खरसावां शहीद बेदी पर फूल चढा कर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की. शहीद वेदी पर पारंपरिक रूप से तेल डाला. इसके पश्चात पत्रकारों से बातचीत में केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि इस वर्ष उनका मंत्रालय आदिवासी बच्चों के […]

खरसावां : भारत सरकार के आदिवासी मामलों के कैबिनेट मंत्री अर्जुन मुंडा ने बुधवार को खरसावां शहीद बेदी पर फूल चढा कर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की. शहीद वेदी पर पारंपरिक रूप से तेल डाला. इसके पश्चात पत्रकारों से बातचीत में केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि इस वर्ष उनका मंत्रालय आदिवासी बच्चों के लिए देश में 461 एकलव्य विद्यालय खोलेगा.

इसमें पढ़ाई के साथ-साथ खेल की व्यवस्था रहेगी. स्कूल पूरी तरह से हाइटेक होंगे. पूर्व के 70 वर्षों में सिर्फ ढाई सौ विद्यालय खोले गये थे. शिक्षा के क्षेत्र में आदिवासियों के लिए केंद्र सरकार कार्य कर रही है. आदिवासी छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए राशि की व्यवस्था की जायेगी. अर्जुन मुंडा ने कहा कि उनके मंत्रालय से दी जानेवाली राशि से फिलहाल 4700 बच्चे पीएचडी की शिक्षा हासिल कर रहे हैं. सभी एसटी छात्रों को उनके खाते में ऑनलाइन छात्रवृत्ति भेजी जायेगी.

नागरिकता कानून पर कुछ लोग भ्रम फैला रहे हैं, किसी को डरने की जरूरत नहीं : केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि सीएए को लेकर देश के किसी भी नागरिक को डरने की जरूरत नहीं है. इससे किसी जाति संप्रदाय या धर्म का अहित नहीं होनेवाला है. बिल से वैसे लोग जो अफगानिस्तान, पाकिस्तान व बांग्लादेश से आये हैं. यहां रहने के बावजूद उन्हें नागरिकता नहीं मिली थी.

इस बिल के माध्यम से औपचारिकता पूरी करने के पश्चात नागरिकता प्राप्त होगी. नागरिकता कानून पर कुछ लोग भ्रम फैला कर समाज को बांटने का प्रयास कर रहे हैं. नागरिकता कानून पर बिना वजह सवाल खड़ा किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि सीएए व एनपीआर दोनों अलग है. एनपीआर पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह के समय शुरू किया गया था.

खरसावां-कुचाई में तसर उद्योग को मिलेगा बढ़ावा : केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि केंद्र की जनजातीय मंत्रालय रोजगारोन्मुखीकरण पर कार्य किया जायेगा. इसके तहत खरसावां-कुचाई क्षेत्र में तसर उद्योग को बढ़ावा दिया जायेगा. केंद्र सरकार का इस पर पूरा फोकस है. उन्होंने कहा कि वनाधिकार कानून के साथ संवैधानिक अधिकारों के प्रति गांव के मुखिया- ग्राम प्रधानों को जागरूक किया जायेगा.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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