हाट-बाजारों में मकर की खरीदारी के लिए जुट रही भीड़
खरसावां के आकर्षणी, चांडिल के जयदा व सरायकेला के कांकड़ा में लगेगा प्रसिद्ध मकर मेला
खरसावां : आसछे मकर, दू दिन सबुर कर, तुई गुड़ पिठा सब जोगाड़ कर.. गीत सरायकेला-खरसावां जिले के गांव-मुहल्लों में गूंजने लगे हैं. क्षेत्र का सबसे बड़ा त्योहार मकर को अब सिर्फ पांच दिन ही शेष रह गये हैं. त्योहार को लेकर दूसरे प्रदेशों में काम करने गये लोग भी अब घर लौटने लगे हैं. 12 जनवरी को मकर का चावल धुआं, 13 नवरी को मकर का बाउंडी, 14 जनवरी को मकर संक्रांति व 15 जनवरी को आखान यात्र का अनुष्ठान किया जायेगा. घर को पारंपरिक लाल व पीला रंग की मिट्टी से रंगने के साथ-साथ मकर पर्व के मौके पर नये परिधान पहनने की प्रथा वर्षो से चली आ रही है. इस बावत लोग घरों के रंग-रोगन में जुट गये हैं.
इस वर्ष जिला के विभिन्न गांवों में अच्छी फसल हुई है. ऐसे में मकर को लेकर लोगों में उत्साह व उमंग होना लाजमी है. गांव से लेकर बाजार तक इसका असर दिखने लगा है. हाट-बाजारों में खरीदारी के लिए भीड़ लग रही है. खासकर कपड़ों के दुकानों में खरीदारी के लिए काफी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं. खरसावां के साप्ताहिक हाट में भी काफी भीड़ देखी गयी. कपड़ों के साथ साथ बतख व मुर्गे की भी खूब बिक्री हुई. मकर में जिले में लगभग सभी पंचायतों क्षेत्रों में मेला का आयोजन होता है. इनमें में खरसावां का आकर्षणी मेला, चांडिल का जयदा मेला व कांकड़ा का गंगा मेला क्षेत्र में प्रसिद्ध है. इन जगहों पर मेले की तैयारी शुरू कर दी गयी है.
