शचिंद्र कुमार दाश
Kharsawan: खरसावां के बासंती मंदिर में मां बासंती की पूजा की तैयारी पूरी कर ली गयी है. सोमवार की शाम चैत्र नवरात्र के छठे दिन बेल के पेड़ के नीचे बेल्याधिवास किया गया. इसके बाद मंदिर में मां बासंती की प्रतिमा के पट खोल दिए गए. इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन करते हुए जयकारे लगाये. मंगलवार को वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मां बासंती दुर्गा की सप्तमी पूजा की जाएगी. मंगलवार को सप्तमी पूजा के साथ-साथ हवन पूजन किया जाएगा. 25 मार्च को अष्टमी और 26 मार्च को नवमी पूजी का जाएगी. मां बासंती की पूजा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूरे विधि-विधान के तहत किया जाएगा. इस दौरान पूजन, हवन के साथ आरती उतारी जायेगी. साथ ही सप्तशती चंडी पाठ भी किया जायेगा.
27 मार्च को ब्रह्मकुमारों का होगा सामूहिक उपनयन
27 मार्च को बासंती दुर्गा मंदिर परिसर में विजया दशमी पूजा की जाएगी. इसी दिन मंदिर परिसर में ब्रह्मकुमारों का विधि-पूर्वक उपनयन संस्कार (जनेऊ) आयोजित किया जायेगा. इस वर्ष करीब तीन दर्जन ब्रह्मकुमारों का निशुल्क उपनयन संस्कार कराने की तैयारी चल रही है. उपनयन संस्कार के दौरान सभी रश्मों को निभाया जाएगा. साथ ही जनेऊ धारण कराया जाएगा.
खरसावां में 1903 से हो रही है मां बासंती की पूजा
खरसावां में वर्ष 1903 से हर वर्ष ब्राह्मण समाज की ओर से बासंती दुर्गा पूजा का आयोजन होते आ रहा है. खरसावां के बासंती मंदिर में मां बासंती की पूजा के लिए दूर दराज के लोग पहुंचते है. मां बासंती का भव्य मंदिर बनाया गया है. मां बासंती मंदिर को आकर्षक रूप से सजाया गया है. इस दौरान से पूजा कमेटी के अध्यक्ष हरिश्चंद्र आचार्य, सचिव कामाख्या प्रसाद षाड़ंगी, सुकदेव पति, पंकज मिश्रा, बिरोजा पति, पंडित प्रदीप दाश, तारापद सतपति, रंजीत मिश्रा, अशित मिश्रा, राजेश मिश्रा, सुजीत हाजरा, सुशील षाड़ंगी, जगन्नाथ त्रिपाठी, जगन्नाथ पति आदि उपस्थित थे.
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