स्कूल में शौचालय, खुले में जाते हैं बच्चे

उमवि बाघरायडीह. शौचालय एवं आसपास में गंदगी के कारण है बेकार ग्रामीणों ने प्रधानाध्यापक पर विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था में रुचि नहीं दिखाने का लगाया आरोप सरायकेला : विडंबना ही है कि खरसावां के उमवि बाघरायडीह में दो शौचालय होने के बावजूद बच्चे उसका उपयोग नहीं कर पा रहे हैं. शौचालय एवं इसके चारों ओर […]

उमवि बाघरायडीह. शौचालय एवं आसपास में गंदगी के कारण है बेकार

ग्रामीणों ने प्रधानाध्यापक पर विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था में रुचि नहीं दिखाने का लगाया आरोप
सरायकेला : विडंबना ही है कि खरसावां के उमवि बाघरायडीह में दो शौचालय होने के बावजूद बच्चे उसका उपयोग नहीं कर पा रहे हैं. शौचालय एवं इसके चारों ओर कचरा का अंबार लगा हुआ है. इस कारण बालक-बालिका के अलग-अलग शौचालय होने के बावजूद 8वीं कक्षा तक अध्ययनरत करीब 250 छात्र-छात्राएं खुले में जाने को विवश हैं. इधर, विद्यालय में व्याप्त अव्यवस्था से नाराज अभिभावकों ने भी प्रधानाध्यापक पर गंभीर आरोप लगाये हैं. ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधानाध्यापक कभी भी समय पर विद्यालय नहीं आते. स्कूल के विकास एवं पठन-पाठन में भी रुचि नहीं दिखाते है. स्कूल दोनों चापाकल महीनों से खराब हैं.
इसे लेकर 10 नवंबर को ग्रामीणों की शिकायत पर बीडीअो ने पीएचइडी के कार्यपालक अभियंता को विद्यालय में चापाकल मरम्मत के लिए पत्र लिखा, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ. इस कारण बच्चों को पानी के लिए बार-बार सड़क पार कर गांव जाना पड़ता है. इससे हमेशा सड़क दुर्घटना की संभावना बनी रहती है.
विद्यालय के दोनों चापाकल खराब, सड़क पार कर बच्चे जाते हैं पानी लाने
विद्यालय में अव्यवस्था की शिकायत मिली है. जल्द जांच होगी. शौचालय समेत आदि मुद्दों पर अनियमितता पाये जाने पर संबंधित शिक्षक पर कड़ी कार्रवाई की जायेगी. चापाकल की मरम्मत भी जल्द करायी जायेगी.
फूलमनी खलखो, डीएसइ , सरायकेला

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