सरायकेला. 35-40 हाथियों का झुंड रोज शाम घुस रहा गांव में, दहशत
सरायकेला : सरायकेला व खरसावां वनक्षेत्र के दर्जनों गांव इन दिनों जंगली हाथियों से दहशत में जी रहे हैं. 35 से 40 हाथियों का झुंड इन दिनों रोज शाम गांवों में पहुंच जा रहे हैं, जिनसे नुकसान की आशंका से लोग रतजगा को विवश हैं. वनक्षेत्र के दर्जनों गांवों के लोग शाम होते ही घरों में दुबक जा रहे हैं. हाथियों को गांव से भगाने के लिए भी लोग डरे-सहमे से ही एकत्र हो रहे हैं. याद रहे कि इस वर्ष धान की फसल अच्छी होने से किसान खुश थे, लेकिन के उसे नष्ट किये जाने से उनमें हताशा छा रही है. उनका कहना है कि हाथी धान की फसल सिर्फ खाते तो भी उनका उतना नुकसान नहीं होता, लेकिन हाथी उसे खाने से नष्ट अधिक कर रहे हैं.
विभाग लोगों को कर रहा जागरूक : वन विभाग जंगली हाथियों से जान-माल की सुरक्षा के लिए प्रचार वाहनों के माध्यम से लोगों को जागरूक कर रहा है. लोगों को हाथियों से छेड़छाड़ न करने को कहा जा रहा है. इसके अलावा प्रभावित गांवों में प्रशिक्षित लोगों का दल भी तैनात किया गया है. विभाग गांवों में टॉर्च, पटाखे, जला मोबिल व अन्य सामान भी उपलब्ध करा रहा है.
ग्रामीण क्षेत्रों में हाथियों का उत्पात
सीनी. हाथियों का झुंड बेगनाडीह गांव में डेरा डाले हुए है. वन विभाग व ग्रामीणों ने हाथियों को बेगनाडीह गांव से निकाल कर कमलपुर होते हुए मुंडाटांड, महदेवपुर नयागोड़ा गांव पहुंच गये हैं. सीनी वन विभाग के शुभम पांडा से बताया कि हाथियों से बचाव के लिए जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है.
वन विभाग को हाथियों को वनों में ही रोकने की व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि वे गांवों की ओर न आ पायें. विभाग को वनक्षेत्र में ही हाथियों के लिए पर्याप्त पानी तथा जंगलों की कटाई पर रोक की व्यवस्था करनी चाहिए.
कांति लाल पाल,वार्ड सदस्य, सीनी
हाथियों से बचाव के लिए वन विभाग को प्रभावित गांवों के युवाओं को प्रशिक्षित करना चाहिए, ताकि वे हाथियों को आसानी से भगा सकें.
दीपक जामुदा,ग्राम प्रधान,गोपालपुर
वन विभाग को हाथी प्रभावित गांवों में पूर्व से पटाखे,टॉर्च व मोबिल का वितरण करना चाहिए. हाथियों के आ जाने पर विभाग पटाखे देने की बात करता है, ग्रामीणों को पटाखे मिल नहीं पाते.
कमल महतो,ग्राम प्रधान बेगनाडीह
