खरसावां : राजकीय पॉलिटेक्नीक कॉलेज, खरसावां में कार्यरत सभी 16 अंशकालीन व्याख्याता अपनी मांगों के समर्थन में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चल गये हैं. इससे कॉलेज में पठन पाठन पूरी तरह से ठप हो गया है. हड़ताली व्याख्याताओं ने उच्च तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के सचिव तथा कॉलेज के प्राचार्य को पत्र के जरिये […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
खरसावां : राजकीय पॉलिटेक्नीक कॉलेज, खरसावां में कार्यरत सभी 16 अंशकालीन व्याख्याता अपनी मांगों के समर्थन में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चल गये हैं. इससे कॉलेज में पठन पाठन पूरी तरह से ठप हो गया है. हड़ताली व्याख्याताओं ने उच्च तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के सचिव तथा कॉलेज के प्राचार्य को पत्र के जरिये अपनी मांगों से अवगत करा दिया है तथा मांगें माने जाने तक हड़ताल पर रहने की घोषणा की है. सोमवार को हड़ताली व्याख्याताओं ने कॉलेज कैंपस के सामने धरना दिया.
धरना में मुख्य रूप से अमोद कुमार सहवाल, रजनीश कुमार, विद्या शंकर पांडेय, मुकेश कुमार, अर्जुन प्रमाणिक, अमित दास, शिवशंकर सुंडी, स्वाती गुप्ता, कुलान सोनी, राजेश गुप्ता, कुंदन पाठक, पिंकी कुमारी, पंकज साहू, ओम प्रकाश त्रिवेदी, पं रितु कुमार शामिल थे.
क्या है मांग : व्याख्याताओं ने पत्र में सरकार द्वारा संविदा पर व्याख्याताओं की नयी नियुक्ति के लिए तैयार योजना में वर्तमान में कार्यरत सभी अंशकालिक व्याख्याताओं को समायोजित करने की मांग की है. हड़ताली व्याख्याताओं ने कहा कि वे पूर्व में भी कई बार विभागीय मंत्री को अपनी मांगों से अवगत करा चुके हैं. ज्ञापन में कहा गया है कि मांग पर ध्यान नहीं दिये जाने पर वे बेमियादी धरना-प्रदर्शन व आमरण अनशन भी करेंगे.
छात्रों ने किया मांगों का समर्थन
सोमवार को कॉलेज कैंपस में कॉलेज के लगभग 550 छात्र-छात्राओं ने हड़ताली व्याख्याताओं की मांगों का समर्थन समर्थन करते हुए सरकार से नयी नियुक्तियों में वर्तमान व्याख्याताओं को समायोजित करने की मांग की.
कॉलेज में पठन पाठन प्रभावित
व्याख्याताओं की हड़ताल के कारण राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज में पठन-पाठन प्रभावित हो रहा है. वर्तमान में कॉलेज में पठन-पाठन का पूरा जिम्मा एक स्थायी व अनुबंध पर नियुक्त तीन व्याख्याताओं पर है. ऐसे करीब छह सौ छात्रों को पढ़ाने में काफी परेशानी हो रही है. सोमवार को कॉलेज में पठन पाठन ठप रहा.