खरासवां : खरसावां सामुदायिक स्वास्थ्यकेंद्र मात्र चार चिकित्सकों के भरोसे चल रहा है. प्रखंड के 89 हजार लोगों के स्वास्थ्य का जिम्मा इन्हीं पर है. दो दशक पूर्व से यहां चिकित्सकों के सात पद स्वीकृत हैं, लेकिन यहां कभी भी सभी पदों पर चिकित्सक पदस्थापित नहीं हुए.
फिलहाल चार चिकित्सक ही अस्पताल चला रहे हैं, जिन पर 13 पंचायतों के लोगों के इलाज का जिम्मा है. चिकित्सकों की संख्या कम होने के कारण इन्हें ही प्रखंड के 20 उप स्वास्थ्यकेंद्रों में जा कर मरीजों का इलाज करना पड़ता है. अस्पताल में यद्यपि 38 एएनएम की पूरी संख्या है, लेकिन ड्रेसर, हेल्थ वर्कर, बेसिक हेल्थ वर्कर, सर्विलेंस वर्कर समेत कई पद आज भी रिक्त हैं.
दो की जगह एक आयुष चिकित्सक : खरसावां सीएचसी में आयुष चिकित्सकों के दो स्वीकृत पदों के विरुद्ध मात्र एक चिकित्सक पदस्थापित है. इसके ओपीडी में रोजाना औसतन सौ मरीज पहुंचते हैं, जबकि प्रतिमाह 70 से 80 इनडोर मरीज भी यहां इलाज कराने आते हैं.
अस्पताल में इनडोर मरीजों के लिए पांच बेड स्वीकृत हैं, परंतु खरसावां सीएचसी में सात बेड की ही व्यवस्था है. 26 की जगह सिर्फ17 ममता वाहन : खरसावां सीएचसी के क्षेत्र के अंतर्गत ममता वाहनों की भी भारी कमी है. प्रखंड में कुल 26 ममता वाहनों की आवश्यकता है, लेकिन अभी सिर्फ 17 ममता वाहन ही हैं. खरसावां सीएचसी में मात्र एक एंबुलेंस चालू अवस्था में है.
