1000 छात्रों का भविष्य तीन शिक्षकों के ऊपर

सरायकेला : जिला मुख्यालय के एकमात्र राजकीय एनआर प्लस टू उवि में शिक्षकों की काफी कमी है. तीन शिक्षकों पर एक हजार छात्र-छात्राओं का भविष्य निर्भर है. जिले के सभी बड़े अधिकारियों के अावास से कछ ही दूरी पर स्थित एनआर प्लस टू स्कूल में शिक्षकों का घोर अभाव है, तो फिर दूरवर्ती क्षेत्रों के […]

सरायकेला : जिला मुख्यालय के एकमात्र राजकीय एनआर प्लस टू उवि में शिक्षकों की काफी कमी है. तीन शिक्षकों पर एक हजार छात्र-छात्राओं का भविष्य निर्भर है. जिले के सभी बड़े अधिकारियों के अावास से कछ ही दूरी पर स्थित एनआर प्लस टू स्कूल में शिक्षकों का घोर अभाव है, तो फिर दूरवर्ती क्षेत्रों के हाई स्कूलों की स्थिति क्या होगी, इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है. शिक्षकों की कमी को लेकर स्कूल प्रांगण में अभिभावकों की एक बैठक आयोजित हुई

, जिसमें अभिभावकों ने बताया कि छात्र-छात्राएं तो प्रतिदिन स्कूल आ रहे हैं, किन्तु शिक्षक नहीं के बराबर होने के कारण पठन-पाठन ठीक से नहीं हो पा रहा है. लगभग एक हजार विद्यार्थियों पर मात्र तीन शिक्षक, कैसी शिक्षा दे रहे होंगे, यह सहज ही समझा जा सकता है. बैठक में अभिभावकों ने शिक्षकों की कमी का बच्चों पर पड़ रहे प्रतिकूल प्रभाव की चर्चा की. अभिभावकों ने स्कूल में शिक्षकों का प्रतिनियोजित करने की मांग की. बैठक में भगीरथ गोप, सुखलाल महतो, धनु सिंह मोदक, शिवनाथ राय, रवींद्र कुमार, मुन्ना गोप, मुटु महतो, सानलाल केराई सहित कई अन्य मौजूद थे.

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