जिले में एक वर्ष में चार रोजगार मेले व 11 भर्ती शिविरों में 555 को मिली नौकरी
जिले में बेरोजगार युवा सरकारी नौकरी के अलावे निजी सेक्टर में भी दिखा रहे रूझान
बरहेट जिले के शिक्षित बेरोजगार युवक-युवतियों को रोजगार से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है, ताकि वे रोजगार से जुड़ कर बेरोजगारी के दलदल से बाहर निकले और आर्थिक उपार्जन करें. सरकारी नौकरी मिलने में हो रही कठिनाई और जटिल प्रक्रिया के कारण झारखंड के युवा तेजी से निजी क्षेत्र की ओर रूख कर रहे हैं. यही वजह है कि झारखंड सरकार द्वारा आयोजित रोजगार मेला में युवाओं की दिलचस्प देखने को मिल रही है. वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक जिला नियोजनालय की ओर से जिले में कुल चार रोजगार मेले और 11 भर्ती कैंपों में जिले के 555 युवक-युवतियों को अलग-अलग कंपनियों में नौकरी दी गयी है. इस वर्ष 2026 में भी रोजगार मेले और भर्ती कैंप के माध्यम से युवाओं को रोजगार मुहैया कराये जाने का सिलसिला जारी रहेगा.
जिले के विभिन्न विद्यालयों में समग्र शिक्षा अभियान के तहत व्यावसायिक शिक्षा कार्यक्रम चलाया जा रहा है. प्रशिक्षण के उपरांत वैसे विद्यार्थियों को भी रोजगार से जुड़ने की पहल होगी. 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को आईटी सेक्टर में रोजगार मुहैया कराने में एचसीएल, टीसीएस व अन्य कंपनी का भी योगदान रहेगा. झारखंड सरकार के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग और एचसीएल टेक की सहयोगी इकाई एचसीएल टीसीएस के बीच प्लेसमेंट लिंक बेस्ड प्रोग्राम के लिये एमओयू हुआ है. इसके तहत चयनित विद्यार्थियों को 12 माह का नि:शुल्क प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार मुहैया कराया जायेगा.
क्या कहते हैं अधिकारी
जिला नियोजनालय पदाधिकारी मनोज मंजीत ने कहा कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार और अधिक बेरोजगार युवकों को रोजगार उपलब्ध करने का प्रयास रहेगा. आगे बताया कि छूटे युवक नियोजनालय में आकर या ऑनलाइन पंजीयन आवश्यक करायें.
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