मयूरकोल से पकड़िया होते हुए दरबास तक पहुंचने के लिए सड़क नहीं

पहाड़ों की तलहटी में बसे पुसरे पहाड़ समेत कई गांवों तक आने-जाने के लिए नहीं है कोई पक्का रास्ता

तालझारी. प्रखंड के अधिकांश गांव पहाड़ों में बसे हुए हैं. प्रखंड क्षेत्र के ऐसे कई गांव हैं, जो पहाड़ों की तलहटी में बसे हैं. जहां आज भी सड़क अबतक नहीं है. ऐसा ही एक गांव तालझारी प्रखंड मुख्यालय से करीब 13 किलोमीटर दूर पहाड़ी की तलहटी में बसा है. तालझारी पंचायत अंतर्गत मयूरकोल से होते हुए पुसरे पहाड़, पकड़िया होते हुए दरबास तक पहुंचने के लिए सड़क नहीं है. ऐसे में वहां रहने वाले लोग परेशानी झेल रहे हैं. ग्रामीण तुवा पहाड़िया, सुरेश पहाड़िया, जबरा पहाड़िया, सुरजा पहाड़िया, सोनी पहाड़िन, सलोमी पहाड़िन सहित अन्य ने बताया कि पुरसे पहाड़ गांव में 58 घर हैं. गांव पहाड़ की तलहटी में बसा हुआ है. गांव तक पहुंचने के लिए सड़क नहीं है, जिससे ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ता है. अगर कोई मरीज गंभीर रूप बीमार हो जाता है, तो गाड़ी नहीं पहुंचने की वजह से कंधे पर लाद कर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है. पगडंडी के रास्ते पर चलना पड़ता है. यह रास्ता भी तो बहुत खराब है, जो मिट्टी व पत्थर के रोड़े का बना है. वाहन से जा नहीं सकते. ग्रामीण बताते हैं कि गर्मी और ठंड के मौसम में तो काम चल जाता है, पर बरसात में हालत और भी बुरा हो जाता है. ग्रामीण जान जोखिम में डालकर मोटरसाइकिल से आने-जाने को मजबूर हैं. प्राप्त जानकारी के अनुसार पीएम जनमन अंतर्गत पीवीटीजी ग्रामों में सड़क निर्माण को लेकर प्रखंड क्षेत्र से कुल 87 सड़क निर्माण को लेकर प्रस्तावित योजना की सूची प्रखंड से जिला को भेजी गयी थी. इसमें तालझारी पंचायत के मयूरकोल से पुसरे पहाड़ होते हुए पकड़िया दरवास तक करीब 12 किलोमीटर तक शामिल था. क्या कहते हैं पदाधिकारी : तालझारी प्रखंड अंतर्गत कुल 71 सड़कों के निर्माण को लेकर जिला को सूची भेजी गयी थी, जो किसी कारण से वापस लौट गयी है. दोबारा दो-तीन दिनों के अंदर सूची जिला को अनुमोदन के लिए भेजी जायेगी. आदेश आने के पश्चात आगे की कार्रवाई की जायेगी. – पवन कुमार, बीडीओ, तालझारी

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Published by: Abdhesh singh

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