तिल और गुड़ की खुशबू से महकने लगा बरहरवा बाजार

मकर संक्रांति का चढ़ा खुमार, अधिकांश दुकानों में बिहार के गया से लायी गयी तिल की बनी सामग्री

बरहरवा पौष मास में पूरे देशभर में अलग-अलग नामों से मनाये जाने वाले हिंदुओं के प्रमुख त्योहार में से एक मकर संक्रांति में अब कुछ दिन ही शेष बचे हैं. इसे लेकर बरहरवा शहर एवं ग्रामीण इलाकों में तैयारियां जोरों पर हैं. मकर संक्रांति को लेकर बरहरवा, कोटालपोखर और केंदुआ बाजार पूरी तरह से सज चुके हैं. बरहरवा शहर में मकर संक्रांति की प्रमुख सामग्रियों तिल, तिलकुट, चुड़ा, गुड़, मुढ़ी आदि से संबंधित दर्जनों दुकानों खोले गये हैं. दुकानों में रखे तिल और गुड़ की सौंधी महक से पूरा बाजार गुलजार हो गया है, जो ग्राहकों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है. लक्ष्मी पूजा सामग्री स्टोर के प्रोपराइटर रूपेश महतो ने बताया कि बरहरवा की अधिकांश दुकानों में तिल से बनी सामग्रियां बिहार के गया से लायी जाती है. इसके अलावे कुछ स्थानीय लोग खुद से भी कारीगर रखकर इसे बनवाते हैं. मकर संक्रांति को लेकर ग्राहकों का आना शुरू हो गया है. ठंड के मौसम में लोग तिल और तिल से बने सामग्रियों का अधिक उपयोग करते है. इस वर्ष बाजार में सबसे ज्यादा डिमांड गुड़ और चीनी से बनी तिलकुट की है. तिलकुट व अन्य सामग्रियों के दामों पर एक नजर (प्रति किलो) गुड़ का तिलकुट – 300 रुपये चीनी का तिलकुट – 300 रुपये खोआ का तिलकुट – 500 रुपये बादाम पट्टी – 30 रुपये तिल पट्टी – 40 रुपये अनरसा लड्डू – 420 रुपये काला तिल लड्डू – 400 रुपये उजला तिल लड्डू – 400 रुपये काला तिल – 140 रुपये उजला तिल – 180 रुपये मुढ़ी व चुडा का लाई – 160 रुपये गुड़ – 60 से 200 रुपये

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Published by: Abdhesh singh

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