चलती ट्रेन से गिरने से पहले आरपीएफ ने बचायी मां-बच्चे की जान
साहिबगंज स्टेशन पर जवानों की बहादुरी बनी मिसाल, बहादुर जवानों को सम्मान और पुरस्कार की तैयारी
साहिबगंज मालदा रेल मंडल अंतर्गत साहिबगंज रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ जवानों की तत्परता, साहस और मानवता एक बार फिर देखने को मिली है. अहले सुबह प्लेटफॉर्म संख्या-03 पर आरपीएफ की सूझबूझ से एक बड़ा हादसा टल गया, जब चलती ट्रेन से गिरने की स्थिति में फंसी एक महिला यात्री और उसके मासूम बच्चे की जान बचा ली गयी. घटना सुबह करीब 04:45 बजे की है साहिबगंज–रामपुरहाट पैसेंजर (63074) के प्रस्थान के दौरान एक महिला अपने छोटे बच्चे के साथ चलती ट्रेन में चढ़ने का प्रयास कर रही थी. इसी क्रम में अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और महिला व बच्चा ट्रेन व प्लेटफॉर्म के बीच गिरने की स्थिति में आ गए. मौके पर ड्यूटी पर तैनात आरपीएफ कांस्टेबल अमित कुमार ने स्थिति की गंभीरता को तुरंत समझते हुए बिना अपनी जान की परवाह किए दौड़कर दोनों को सुरक्षित पकड़ लिया. उनकी तत्परता से एक संभावित दर्दनाक हादसा टल गया. कुछ ही देर बाद ट्रेन को रोका गया, जिसके बाद महिला और बच्चा सुरक्षित रूप से ट्रेन में सवार हुए. महिला यात्री ने आरपीएफ जवान के इस साहसिक कार्य के लिए आभार व्यक्त किया. बताया जाता है कि साहिबगंज रेलवे स्टेशन पर यह कोई पहली घटना नहीं है. इससे पहले भी आरपीएफ के जवानों ने कई बार अपनी ड्यूटी से बढ़कर मानवता का परिचय दिया है. अगस्त 2025 में महिला आरपीएफ कांस्टेबल स्वीटी कुमारी ने चलती ट्रेन में चढ़ने के दौरान फिसल रही एक महिला यात्री को बचाकर उसकी जान बचायी थी. वहीं 19 सितंबर 2025 को स्टेशन परिसर में एक महिला अचानक बेहोश होकर गिर पड़ी थी. मौके पर मौजूद महिला कांस्टेबल नेहा कुमारी ने तत्परता दिखाते हुए अपनी गोद में उठाया और प्लेटफॉर्म संख्या-दो से ई-रिक्शा के माध्यम से स्वयं की निगरानी में सदर अस्पताल पहुंचाकर इलाज कराया था. इसी तरह 15 दिसंबर 2025 को एएसआई सरोज कुमार ने सीढ़ी से चढ़ते समय गिरे और बेहोश हुए एक रेल यात्री को तुरंत अस्पताल पहुंचाकर उसकी जान बचायी थी. इन सभी घटनाओं ने यह साबित कर दिया है कि आरपीएफ के जवान न केवल रेल सुरक्षा की जिम्मेदारी निभा रहे हैं, बल्कि मानवता को भी सर्वोपरि मानते हैं. उनकी इसी बहादुरी और सेवा भावना को देखते हुए मालदा रेल मंडल द्वारा पूर्व में कई जवानों को सम्मानित किया जा चुका है. ताजा घटना में साहस दिखाने वाले कांस्टेबल अमित कुमार को भी मालदा रेल मंडल द्वारा सम्मानित किए जाने की तैयारी है. डीएससी असीम कुल्लू ने इस संबंध में मंडल रेल प्रबंधक मनीष कुमार गुप्ता से अनुशंसा की है. वहीं मंडल रेल प्रबंधक मनीष कुमार गुप्ता ने ऐसे जवानों की सराहना करते हुए कहा कि यह पूरे रेल प्रशासन के लिए गर्व की बात है. वहीं दूसरी ओर साहिबगंज की लोकहित संस्था द्वारा भी महिला आरपीएफ जवान नेहा कुमारी और स्वीटी कुमारी को उनकी बहादुरी और मानवता के लिए सम्मानित किया गया है. संस्था के पदाधिकारियों ने कहा कि ऐसे जवान समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं और इनके कार्यों से आम जनता को सीख लेनी चाहिए. इस संबंध में स्टेशन प्रबंधक गुड्डू शाह ने कहा कि साहिबगंज रेलवे स्टेशन पर तैनात आरपीएफ के जवान लगातार यात्रियों की सुरक्षा में तत्पर रहते हैं. यह घटना उसी का उदाहरण है. ऐसे जवान निश्चित रूप से धन्यवाद और सम्मान के पात्र हैं, इसके लिए उच्च अधिकारियों को पत्राचार किया जाएगा. वहीं आरपीएफ निरीक्षक गुलाम सरवर ने कहा कि उन्हें अपने जवानों पर गर्व है. वे ईमानदारी से ड्यूटी करते हुए यात्रियों के प्रति जागरूक हैं और रेलवे सुरक्षा की सच्ची मिसाल पेश कर रहे हैं.
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