संवाददाता, साहिबगंज: गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए साहिबगंज जिला प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है. बुधवार सुबह डीडीसी सतीश चंद्र, एसडीओ अमर जॉन आएंद और एनडीआरएफ टीम कमांडेंट ने बाढ़ प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण किया.
अधिकारियों ने नाव से विभिन्न घाटों और आसपास के इलाकों का जायजा लिया और बढ़ते गंगा के जलस्तर की स्थिति पर चर्चा की.
कई घाटों का नाव से किया निरीक्षण
अधिकारियों की टीम ने रसूलपुर दहला, शोभानपुर भट्ठा, शकुंतला साहेब घाट, बिजली घाट, चानान घाट और पुरानी साहिबगंज घाट का निरीक्षण किया.
इस दौरान गंगा के बढ़ते जलस्तर और उससे उत्पन्न होने वाली संभावित स्थिति का जायजा लिया गया. अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियों को लेकर भी जानकारी ली.
राहत सामग्री और सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा
निरीक्षण के दौरान बाढ़ की स्थिति को देखते हुए राहत सामग्री के वितरण और सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा की गयी. अधिकारियों ने संभावित आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य को प्रभावी बनाने को लेकर आवश्यक तैयारियों की समीक्षा की.
प्रशासन की ओर से संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत पहुंचाने की तैयारी की जा रही है.
साहिबगंज पहुंची NDRF की 30 सदस्यीय टीम
बाढ़ और अन्य संभावित आपदा से निपटने के लिए NDRF की 30 सदस्यीय टीम साहिबगंज पहुंच गयी है. टीम को किसी भी तरह की आपदा या दुर्घटना की स्थिति में राहत और बचाव कार्य के लिए तैयार रखा गया है.
NDRF टीम की मौजूदगी से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आपात स्थिति से निपटने में प्रशासन को अतिरिक्त मदद मिलेगी.
बढ़ते जलस्तर पर प्रशासन की नजर
गंगा के जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए जिला प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है. अधिकारियों ने बाढ़ प्रभावित और संभावित संवेदनशील इलाकों का निरीक्षण कर जमीनी स्थिति की जानकारी ली.
प्रशासन की कोशिश है कि जलस्तर बढ़ने की स्थिति में प्रभावित लोगों तक समय पर राहत और जरूरी सहायता पहुंचायी जा सके.
