राजमहल से रतन कुमार की रिपोर्ट
Sahibganj News: झारखंड के साहिबगंज जिले के राजमहल थाना क्षेत्र के जामनगर गांव निवासी एक प्रवासी मजदूर की केरल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. मृतक की पहचान 40 वर्षीय उदय मंडल के रूप में हुई है. वह पिछले दो वर्षों से केरल में रहकर मछली पकड़ने का काम कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे. बुधवार सुबह कमरे में अचेत अवस्था में मिलने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.
दो साल पहले रोजगार की तलाश में गए थे केरल
जानकारी के अनुसार उदय मंडल करीब दो वर्ष पहले बेहतर रोजगार की तलाश में केरल गए थे. वह केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम जिले के बीड़ीजोम क्षेत्र में किराये के मकान में अन्य प्रवासी मजदूरों के साथ रहते थे. वहां वह स्थानीय मछुआरों के साथ समुद्र में मछली पकड़ने का काम करते थे. इसी काम से मिलने वाली आय से वह अपने परिवार की आर्थिक जरूरतें पूरी करते थे. परिजनों के अनुसार उदय मंडल नियमित रूप से परिवार के संपर्क में रहते थे और घर का खर्च भी भेजते थे. उनकी अचानक मौत की खबर ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है.
रोज की तरह काम पर गए, रात में लौटकर सो गए
मजदूर साथियों ने बताया कि मंगलवार को भी उदय मंडल अन्य दिनों की तरह काम पर गए थे. दिनभर मछली पकड़ने का काम करने के बाद शाम को अपने कमरे पर लौटे. उन्होंने साथियों के साथ भोजन किया और फिर आराम करने के लिए अपने कमरे में सो गए. बुधवार सुबह जब काफी देर तक वह कमरे से बाहर नहीं निकले तो उनके साथियों को चिंता हुई. इसके बाद एक साथी उन्हें जगाने कमरे में पहुंचा. वहां उदय मंडल अचेत अवस्था में पड़े मिले.
अस्पताल पहुंचने से पहले हो चुकी थी मौत
साथियों ने बिना देर किए उन्हें नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन जांच के बाद चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. मृतक के भाई प्रदीप मंडल और उनके साथी नयन मंडल का कहना है कि संभवतः उदय मंडल की मौत रात के दौरान ही हो गई थी. हालांकि मौत किन कारणों से हुई, इसका खुलासा अभी नहीं हो सका है. अस्पताल प्रशासन ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए शव का पोस्टमार्टम कराया है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी.
पोस्टमार्टम के बाद गांव लाया जाएगा शव
परिजनों ने बताया कि पोस्टमार्टम और प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उदय मंडल के पार्थिव शरीर को पहले एयर एंबुलेंस से कोलकाता लाया जाएगा. वहां से सड़क मार्ग के जरिए एंबुलेंस से उनके पैतृक गांव जामनगर पहुंचाया जाएगा, जहां अंतिम संस्कार किया जाएगा. परिवार के सदस्य लगातार शव के गांव पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं. गांव के लोग भी अंतिम दर्शन के लिए तैयारियां कर रहे हैं.
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गांव में पसरा मातम
उदय मंडल की मौत की खबर गांव पहुंचते ही पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. ग्रामीणों ने बताया कि उदय मंडल मेहनती और मिलनसार स्वभाव के व्यक्ति थे. परिवार की जिम्मेदारियां निभाने के लिए वह घर से दूर रहकर कठिन परिस्थितियों में काम कर रहे थे. फिलहाल सभी की नजर पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे उनकी मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा. इस घटना ने एक बार फिर रोजी-रोटी की तलाश में दूसरे राज्यों में काम करने वाले प्रवासी मजदूरों की असुरक्षा और चुनौतियों को सामने ला दिया है.
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