प्रतिनिधि, राजमहल.गंगा के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि से राजमहल प्रखंड के पूर्वी नारायणपुर पंचायत में बाढ़ का संकट गहराता जा रहा है. पंचायत के कॉलोनी नंबर तीन, कॉलोनी नंबर चार और 70 बीघा इलाके में बाढ़ का पानी पहुंच गया है. तीनों इलाकों के कुल 249 परिवार बाढ़ से प्रभावित हुए हैं. पानी घरों की चौखट तक पहुंचने के बाद कई परिवार जरूरी सामान समेटकर ऊंचे और सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे हैं. जलस्तर में लगातार वृद्धि से ग्रामीणों की चिंता बढ़ती जा रही है.
तीन इलाकों के 249 परिवार प्रभावित
मुखिया प्रतिनिधि फोटिक सरकार ने बताया कि कॉलोनी नंबर तीन में 69, कॉलोनी नंबर चार में 150 और 70 बीघा इलाके में 30 परिवार बाढ़ से प्रभावित हैं. बाढ़ का पानी घरों के अलावा खेतों में भी फैल गया है. इससे फसलों को नुकसान पहुंच रहा है. वहीं, पशुओं के लिए चारा जुटाना भी ग्रामीणों के लिए मुश्किल हो गया है.
बाढ़ का पानी फैलने से ग्रामीणों को आवागमन में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. कई जगह पानी के बीच से होकर लोगों को आवाजाही करनी पड़ रही है. जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो प्रभावित परिवारों की संख्या और बढ़ने की आशंका है.
गदाई दियारा में 1200 परिवार प्रभावित
वार्ड सदस्य रुदल कुमार चौधरी ने बताया कि गदाई दियारा पंचायत में करीब 1200 परिवार बाढ़ से प्रभावित हैं. प्रभावित परिवारों के लिए महाराजपुर उच्च विद्यालय में राहत शिविर बनाया गया है. जिन घरों में पानी घुस गया है या जिन परिवारों के लिए घर में रहना मुश्किल हो रहा है, उन्हें राहत शिविर में रखने की व्यवस्था की गयी है.
राहत शिविर में पशुओं को भी सुरक्षित रखने की व्यवस्था की गयी है. फिलहाल 35 मवेशियों को शिविर में सुरक्षित रखा गया है. ग्रामीणों का कहना है कि जलस्तर बढ़ने के साथ पशुओं के लिए चारा और सुरक्षित स्थान की समस्या और गंभीर हो सकती है.
नाव और राहत सामग्री की मांग
बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों ने प्रशासन से नाव, राहत सामग्री और पशु चारा उपलब्ध कराने की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते आवश्यक इंतजाम नहीं किये गये, तो जलस्तर बढ़ने पर और अधिक परिवारों को घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करना पड़ सकता है.
अंचल कर्मियों ने लिया स्थिति का जायजा
अंचल अधिकारी मोहम्मद यूसुफ ने बताया कि प्रभावित इलाकों में अंचल कर्मियों को भेजकर स्थिति का जायजा लिया गया है. प्रभावित परिवारों की सूची तैयार कर ली गयी है. जल्द ही प्रभावित परिवारों के बीच राहत सामग्री और पशुओं के लिए चारा वितरित किया जायेगा.
