बिजली गुल होते ही अंधेरे में डूब जाता है मिर्जाचौकी रेलवे स्टेशन

यात्रियों को चोरी, छिनतई अथवा अन्य आपराधिक घटनाओं का भय सताता रहता है, मोबाइल के टॉर्च के सहारे स्टेशन में प्रवेश करते हैं यात्री

मंडरो

साहिबगंज जिले के मालदा रेल खंड एवं झारखंड-बिहार सीमा पर स्थित मिर्जाचौकी रेलवे स्टेशन पर संध्या अथवा रात्रि के समय अचानक बिजली गुल हो जाना आम बात हो गयी है. इसके कारण दूर-दराज से आने वाले एवं रेल यात्रा कर स्टेशन पर उतरने वाले यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. बिजली गुल होते ही स्टेशन परिसर अंधेरे में डूब जाता है, जिससे यात्रियों की सुरक्षा के साथ-साथ जान-माल के नुकसान की आशंका बनी रहती है. जानकारी के अनुसार मिर्जाचौकी रेलवे स्टेशन पर वर्षों से यह समस्या बनी हुई है. शाम ढलते ही यदि बिजली चली जाये तो तत्काल वैकल्पिक प्रकाश व्यवस्था उपलब्ध नहीं हो पाती. जब तक रोशनी बहाल नहीं होती, तब तक यात्रियों को चोरी, छिनतई अथवा अन्य आपराधिक घटनाओं का भय सताता रहता है. वहीं मिर्जाचौकी रेलवे स्टेशन पर अपनी स्वतंत्र विद्युत व्यवस्था नहीं होने के कारण बिजली गुल होते ही प्लेटफॉर्म पर पूर्ण अंधकार छा जाता है. ऐसे में यात्रियों को मोबाइल टॉर्च की सहायता से प्लेटफॉर्म पर आवागमन करना पड़ता है. यात्रियों के समक्ष यह दुविधा बनी रहती है कि वे मोबाइल से रास्ता देखें या अपने सामान की सुरक्षा करें. यह स्थिति कोई नयी नहीं, बल्कि कई वर्षों से बनी हुई है. पूर्व में बिजली गुल होने की स्थिति में स्टेशन पर समुचित रोशनी की व्यवस्था रहती थी, किंतु पिछले कुछ वर्षों से प्लेटफॉर्म की हालत बद से बदतर हो गयी है. बावजूद इसके रेलवे प्रशासन द्वारा इस ओर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है. ऐसे में यदि किसी यात्री के साथ कोई अप्रिय घटना घटती है, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी, यह बड़ा प्रश्न बना हुआ है.

राजस्व देने वाला स्टेशन, फिर भी सुविधाओं का अभाव

उल्लेखनीय है कि मिर्जाचौकी रेलवे स्टेशन से पत्थर चिप्स का बड़े पैमाने पर रेल परिवहन किया जाता है, जिससे रेलवे को अरबों रुपये का राजस्व प्राप्त होता है. रैक लोडिंग स्थल पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था की गयी है, ताकि माल ढुलाई में कोई बाधा न आये. वहीं दूसरी ओर यात्रियों के लिए बना मिर्जाचौकी रेलवे स्टेशन आज भी अंधेरे में डूबा हुआ है.

यात्रियों के साथ सौतेला व्यवहार का आरोप

स्थानीय लोगों एवं यात्रियों का आरोप है कि राजस्व देने के बावजूद मिर्जाचौकी रेलवे स्टेशन पर यात्री सुविधाओं की घोर उपेक्षा की जा रही है. यात्रियों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है, जो रेलवे प्रशासन की उदासीनता को दर्शाता है. अब देखना यह है कि रेलवे प्रशासन कब तक इस गंभीर समस्या की ओर ध्यान देता है और यात्रियों को अंधेरे से राहत मिल पाती है.

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Published by: Abdhesh singh

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