टीबी मरीजों के लिए आगे आए निक्षय मित्र, 11 लोगों को मिला दूसरे माह का पोषण किट

टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत साहिबगंज जिले में 11 टीबी मरीजों को दूसरे माह का पोषण किट उपलब्ध कराया गया. यह पहल निक्षय मित्रों के सहयोग से इलाज के दौरान मरीजों को पोषण सहायता देने के लिए की गई है.

संवाददाता, साहिबगंज: टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत साहिबगंज जिले में टीबी मरीजों को लगातार पोषण एवं आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने की पहल जारी है. इसी क्रम में 18 सितंबर 2026 को पूर्व में गोद लिए गए कुल 11 टीबी मरीजों को दूसरे माह का पोषण किट उपलब्ध कराया गया.

साहिबगंज फॉरेस्ट डिवीजन के डिस्ट्रिक्ट फॉरेस्ट ऑफिसर प्रबल गर्ग समेत विभिन्न निक्षय मित्रों ने मरीजों को पोषण किट उपलब्ध कराया. इस पहल का उद्देश्य उपचार के दौरान मरीजों को पोषण संबंधी सहायता देना और उन्हें नियमित उपचार जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करना है.

डीएफओ प्रबल गर्ग ने 3 मरीजों को दिया पोषण किट

इस अवसर पर साहिबगंज फॉरेस्ट डिवीजन के डीएफओ प्रबल गर्ग ने 3 टीबी मरीजों के लिए दूसरे माह का पोषण किट उपलब्ध कराया.

इसके अलावा पंचम कुमार दुबे, वन क्षेत्र पदाधिकारी बरहरवा ने 2 मरीजों के लिए पोषण किट दिया. वहीं विद्यापति कुमार, प्रवीण कुमार ठाकुर, जोशीमुद्दीन शेख, अमित कुमार मिश्रा, हर्ष राज और मनोज कुमार ने एक-एक टीबी मरीज के लिए दूसरे माह का पोषण किट उपलब्ध कराया.

इस प्रकार कुल 11 टीबी मरीजों को दूसरे माह का पोषण किट उपलब्ध कराया गया.

इलाज के साथ पौष्टिक आहार भी जरूरी

टीबी के उपचार के दौरान मरीजों के लिए नियमित दवा के साथ पर्याप्त और संतुलित पोषण भी महत्वपूर्ण माना जाता है. आर्थिक एवं सामाजिक कठिनाइयों के कारण कई मरीज पर्याप्त पौष्टिक आहार नहीं ले पाते हैं. ऐसे में निक्षय मित्रों की ओर से उपलब्ध कराया जा रहा पोषण किट उपचार अवधि में मरीजों के लिए अतिरिक्त सहायता का माध्यम बन रहा है.

दूसरे माह का पोषण किट मिलने से मरीजों को उपचार के दौरान लगातार सहयोग मिलने का भरोसा भी मिलता है. इससे उन्हें नियमित दवा सेवन, जांच और उपचार पूरा करने के लिए प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है.

सक्षम लोगों से निक्षय मित्र बनने की अपील

टीबी मुक्त भारत अभियान को सफल बनाने के लिए जनभागीदारी पर जोर दिया जा रहा है. सक्षम नागरिक, जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी, सामाजिक संगठन, स्वयंसेवी संस्थाएं और अन्य संस्थान आगे आकर टीबी मरीजों को गोद ले सकते हैं.

निक्षय मित्र बनकर मरीजों को उपचार अवधि में पोषण और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जा सकता है. ऐसी पहल से मरीजों को आर्थिक सहायता के साथ मानसिक और सामाजिक सहयोग भी मिलता है.

टीबी मुक्त साहिबगंज के लिए सामूहिक प्रयास

साहिबगंज जिले में टीबी की पहचान, जांच, उपचार और जागरूकता के साथ मरीजों को सामाजिक सहयोग उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं. स्वास्थ्य विभाग के साथ अन्य विभागों, पदाधिकारियों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों की सहभागिता से जिले को टीबी मुक्त बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है.

11 टीबी मरीजों को दूसरे माह का पोषण किट उपलब्ध कराया जाना इसी सामूहिक प्रयास की एक महत्वपूर्ण कड़ी है. इस दौरान निक्षय मित्रों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया गया तथा अन्य सक्षम लोगों से भी आगे आकर टीबी मरीजों की सहायता करने की अपील की गयी.

लक्षण दिखें तो तुरंत कराएं जांच

जिला यक्ष्मा केंद्र, साहिबगंज की ओर से जिलेवासियों से अपील की गयी है कि टीबी के लक्षण दिखाई देने पर बिना देरी किये नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं. टीबी की पुष्टि होने पर चिकित्सकीय सलाह के अनुसार नियमित रूप से दवा लें और उपचार की पूरी अवधि तक दवा जारी रखें.

स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों से टीबी के प्रति जागरूक रहने और मरीजों के प्रति सहयोगात्मक रवैया अपनाने की अपील की गयी है. सामूहिक प्रयास और जनभागीदारी से ही साहिबगंज को टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है.

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लेखक के बारे में

By सुनील ठाकुर

साहिबगंज : सुनील ठाकुर वर्ष 1999 से प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने एक वर्ष तक इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के लिए भी कार्य किया है. शिक्षा, अपराध और संताल परगना में पहाडिया जनजाति जैसे विषयों पर उनकी विशेष पकड़ रही है तथा इन मुद्दों पर लगातार रिपोर्टिंग करते रहे हैं. कला, संस्कृति एवं साहित्य में उनकी गहरी रुचि है. वर्ष 2006 से साहिबगंज में जिला संवाददाता व ब्यूरो चीफ के रूप में कार्यरत हैं.

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