प्रतिनिधि, बरहरवा/फरक्का : मालदा रेल मंडल अंतर्गत न्यू फरक्का रेलवे स्टेशन के समीप 24 घंटे के भीतर उसी स्थान पर दोबारा भू-धसान होने से रेल परिचालन पूरी तरह प्रभावित हो गया. इस बार रेलवे ट्रैक का करीब तीन फीट हिस्सा धंस गया है. लगातार दूसरी बार हुई इस घटना से रेलवे विभाग में हड़कंप मच गया है. सुरक्षा के मद्देनजर कई ट्रेनों को रद्द कर दिया गया, जबकि कई ट्रेनों के मार्ग में बदलाव किया गया है.
एक दिन पहले दुरुस्त किया था ट्रैक, फिर धंस गई जमीन
बताया गया कि न्यू फरक्का स्टेशन के समीप जिस स्थान पर मंगलवार को भू-धसान हुआ था, वहां रेलवे की तकनीकी टीम और मजदूरों ने काफी मशक्कत के बाद ट्रैक को दुरुस्त किया था. इसके 24 घंटे के भीतर बुधवार को उसी स्थान पर दोबारा जमीन धंस गई. इससे रेलवे की तैयारियों और ट्रैक की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं.
मौके पर पहुंची तकनीकी टीम, युद्धस्तर पर मरम्मत
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे के अधिकारी और तकनीकी टीम मौके पर पहुंची. अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लेने के बाद ट्रैक की मरम्मत का काम शुरू कराया. दर्जनों मजदूरों को मौके पर लगाया गया है और युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य कराया जा रहा है. ट्रैक के नीचे मिट्टी, डस्ट और पत्थर के धंसने के कारण रेल परिचालन को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है.
रामपुरहाट से भागलपुर तक ट्रेनों पर असर
न्यू फरक्का के समीप लगातार दूसरी बार भू-धसान होने का सीधा असर पश्चिम बंगाल के रामपुरहाट, झारखंड के पाकुड़ और साहिबगंज तथा बिहार के भागलपुर रेलखंड पर पड़ा है. इस मार्ग से गुजरने वाली कई ट्रेनों का परिचालन प्रभावित हुआ है. सुरक्षा कारणों से कुछ ट्रेनों को रद्द किया गया, जबकि कई ट्रेनों को दूसरे मार्ग से चलाया जा रहा है.
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यात्रियों की बढ़ी परेशानी, यात्रा रद्द करने की नौबत
ट्रेनों के रद्द होने और रूट डायवर्ट किए जाने से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. कई यात्रियों को अपनी यात्रा रद्द करनी पड़ी, जबकि मार्ग परिवर्तन के कारण सफर में अतिरिक्त समय लग रहा है. स्टेशन और आसपास के इलाकों में यात्रियों के बीच लगातार दूसरी बार भू-धसान को लेकर चिंता बनी हुई है.
सुरक्षित ट्रैक के बाद ही सामान्य परिचालन
रेलवे अधिकारियों की निगरानी में ट्रैक को सुरक्षित करने का काम जारी है. अधिकारियों का कहना है कि ट्रैक को पूरी तरह सुरक्षित किए बिना सामान्य रेल परिचालन शुरू नहीं किया जाएगा. लगातार हो रही भू-धसान की घटनाओं को देखते हुए रेलकर्मियों और यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है.
लगातार भू-धसान से स्थायी समाधान की मांग
24 घंटे के भीतर एक ही स्थान पर दूसरी बार भू-धसान होने से यात्रियों में भी चिंता बढ़ गई है. लोगों ने रेलवे से भू-धसान के कारणों की तकनीकी जांच कराने और भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्थायी उपाय करने की मांग की है.
