बरहेट : साहिबगंज जिले के बरहेट में हुए करोड़ों के कथित पेंशन फर्जीवाड़े में पुलिसिया कार्रवाई से बिचौलियों और फर्जीवाड़ा करने वाले सिंडिकेट में हड़कंप मचा हुआ है. मामले के दो मुख्य नामजद अभियुक्त बिचौलिये बरमसिया निवासी मिट्ठू ठाकुर और करमटोला निवासी शराफत अंसारी को 72 घंटे की रिमांड अवधि पूरी होने के बाद वापस जेल भेज दिया गया है. रिमांड के दौरान पुलिसिया पूछताछ में दोनों आरोपियों ने फर्जीवाड़े से जुड़े कई राज उगले हैं.
सोनू साह भी गिरफ्तार
जांच के दायरे में आये तलबड़िया गांव के सोनू साह को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. प्रखंड क्षेत्र में हुए बहुचर्चित कथित पेंशन घोटाला मामले में पुलिस की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है.
पूछताछ में सामने आया फर्जीवाड़े का तरीका
सूत्रों के मुताबिक, पुलिस रिमांड के दौरान बंद कमरे में हुई पूछताछ में मिट्ठू ठाकुर और शराफत अंसारी ने पूरे खेल के तौर-तरीकों का खुलासा किया है. आरोपियों ने बताया कि सरकारी सिस्टम में सेंध लगाकर ऑपरेटरों की मदद से फर्जीवाड़ा किया जा रहा था. इस दौरान पुलिस को कई नए संदिग्धों और बिचौलियों के नाम भी हाथ लगे हैं, जिन पर जल्द कार्रवाई हो सकती है.
नाबालिगों की उम्र बढ़ाकर बनाते थे पेंशनधारी
बताया गया कि गिरोह के सदस्य 10 से 12 वर्ष के नाबालिग बच्चों और बच्चियों के दस्तावेजों में डिजिटल छेड़छाड़ कर उनकी उम्र बढ़ा देते थे और उन्हें वृद्धावस्था या अन्य सामाजिक पेंशन का हकदार बना देते थे. ब्लॉक स्तर पर ऑनलाइन डेटा इंट्री करने वाले ऑपरेटरों के जरिये इन फर्जी फाइलों को बिना उचित भौतिक सत्यापन के ही पास करा दिया जाता था.
कई बैंक खातों की जानकारी मिलने का दावा
पुलिस रिमांड के दौरान मिट्ठू ठाकुर और शराफत अंसारी ने कई ऐसे बैंक खातों की जानकारी दी है. हालांकि, उपलब्ध जानकारी में इसके आगे का विवरण नहीं दिया गया है.
