राजमहल : थाना क्षेत्र के मानसिंघा गांव निवासी बालक यासीन शेख भटकते हुए पहले मुंबई और फिर केरल के कोझिकोड जिले के चेरुवाडी पहुंच गया था. ठीक से बोल पाने और अपना नाम व घर का पता स्पष्ट रूप से नहीं बता पाने के कारण उसकी पहचान नहीं हो सकी. आखिरकार सोशल मीडिया पर वायरल हुई इंस्टाग्राम रील के माध्यम से परिजनों ने उसकी पहचान की और मंगलवार को यासीन अपने परिवार से मिल गया.
केरल में बाल कल्याण समिति ने रखा संरक्षण में
जानकारी के अनुसार, मानसिंघा गांव निवासी समसुद्दीन शेख का पुत्र यासीन किसी तरह भटककर पहले मुंबई पहुंच गया था. इसके बाद वह केरल के कोझिकोड जिले के चेरुवाडी पहुंच गया. पहचान नहीं होने के कारण केरल की बाल कल्याण समिति तथा हेल्थ केयर फाउंडेशन ने उसे अपने संरक्षण में रखा.
इंस्टाग्राम रील देखकर परिजनों ने पहचाना
इसी बीच सोशल मीडिया पर युवक से संबंधित एक इंस्टाग्राम रील वायरल हुई. रील देखने के बाद यासीन के परिजनों ने उसे पहचान लिया. इसके बाद केरल में कार्यरत गांव के लोगों के माध्यम से हेल्थ केयर फाउंडेशन से संपर्क किया गया और युवक के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की गयी.
परिजन केरल पहुंचे, पूरी की आवश्यक प्रक्रिया
सूचना मिलने के बाद यासीन के परिजन केरल पहुंचे और आवश्यक प्रक्रिया पूरी की. मंगलवार को हेल्थ केयर फाउंडेशन के सचिव अखिल एवं पदाधिकारी समसुद्दीन यासीन को लेकर राजमहल पहुंचे. राजमहल थाना परिसर में नगर पंचायत अध्यक्ष केताबुद्दीन शेख और थाना प्रभारी हसनैन अंसारी की उपस्थिति में युवक को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया.
बेटे के सकुशल घर लौटने से परिवार में खुशी
लंबे समय बाद बेटे के सकुशल घर लौटने पर परिजनों में खुशी का माहौल देखा गया. वहीं, हेल्थ केयर फाउंडेशन की ओर से युवक के भविष्य और रोजगार को ध्यान में रखते हुए मवेशी खरीदने के लिए 30 हजार रुपये की आर्थिक सहायता भी प्रदान की गयी.
मानवीय पहल की स्थानीय लोगों ने की सराहना
संस्था के इस मानवीय प्रयास की केताबुद्दीन शेख सहित स्थानीय लोगों एवं परिजनों ने सराहना की. सोशल मीडिया के माध्यम से बिछड़े युवक के अपने परिवार तक पहुंचने की यह घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है.
