रवींद्र हत्याकांड का मुख्य आरोपी नुनुआ गिरफ्तार, दो देसी कट्टा कारतूस बरामद

दियारा इलाके में छिपने की मिली थी सूचना, एसडीपीओ ने दी जानकारी

साहिबगंज. मुफस्सिल थाना और गंगा नदी थाना क्षेत्र में हत्या, लूट, रंगदारी और आर्म्स एक्ट सहित कई मामलों में फरार सुनील यादव उर्फ नुनुआ को पुलिस ने संयुक्त छापेमारी में गिरफ्तार कर लिया. वह राजमहल के बहुचर्चित रवींद्र हत्याकांड का मुख्य आरोपी भी है. राजमहल एसडीपीओ विमलेश कुमार त्रिपाठी ने गंगा नदी थाना प्रभारी के कार्यालय में प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि एसपी अमित कुमार सिंह को गुप्त सूचना मिली थी कि नुनुआ रामपुर टोपरा क्षेत्र में किसी आपराधिक घटना को अंजाम देने की फिराक में है. सूचना मिलते ही मुफस्सिल और गंगा नदी थाना की पुलिस टीम ने टोपरा में छापेमारी की. पुलिस को देखकर नुनुआ अपने साथी तालू सोरेन के साथ भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन पुलिस ने दोनों का पीछा कर गिरफ्तार कर लिया. तलाशी के दौरान उनके पास से दो देसी कट्टे और सात जिंदा कारतूस बरामद हुए. पूछताछ में नुनुआ ने कई मामलों में अपनी संलिप्तता स्वीकार की, जिसके बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. रवींद्र हत्याकांड और नुनुआ की संलिप्तता 27 मई 2023 को महादेवगंज निवासी रवींद्र यादव को पत्थर घाट पर मछली पकड़ने के दौरान छह से सात अज्ञात अपराधियों ने दस राउंड गोलियां मारी थीं, जिनमें से तीन गोलियां रवींद्र को लगीं और मौके पर ही उसकी मौत हो गयी. मामले की जांच में पुलिस ने कांड संख्या 49/23 दर्ज कर कई आरोपियों को नामजद किया. बाद में पांच सितंबर 2023 को गुदड़ और लाला को चार देसी कट्टों और 25 जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया था. दियारा क्षेत्र में बनाया था अड्डा, घटना को अंजाम दे नाव से भाग जाता था नाव से गिरफ्तारी से बचने के लिए नुनुआ दियारा क्षेत्र में छिपा रहता था और झारखंड-बिहार के सीमावर्ती इलाकों में अपना अड्डा बना लिया था. पुलिस पहले भी उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर चुकी थी, लेकिन वह पानी के रास्ते नाव से भाग जाता था. रवींद्र से विवाद का कारण रवींद्र की हत्या की मुख्य वजह जमीन विवाद और मछली जलकर को लेकर पुरानी रंजिश बताई जा रही है. पहले यह जलकर किसी और के पास था, लेकिन सोसाइटी के निर्देशानुसार इसे रवींद्र को दे दिया गया था, जिसके बाद से वह वहां मछली पकड़ता था. इससे कुछ लोग नाराज थे और उसे अपना दुश्मन मानने लगे थे. नुनुआ का पुराना है आपराधिक इतिहास सुनील यादव उर्फ नुनुआ का आपराधिक इतिहास 2010 से शुरू हुआ था. उसके खिलाफ मुफस्सिल थाना में करीब नौ और जिरवाबाड़ी थाना में एक मामला दर्ज है. वह लगातार आपराधिक घटनाओं को अंजाम देता रहा और आखिरकार रवींद्र हत्याकांड में मुख्य आरोपी बनकर सामने आया.

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Published by: Abdhesh singh

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