सदर अस्पताल में पांचवें दिन भी रही ओपीडी सेवा रही बाधित,

इमरजेंसी में मरीजों के साथ होमगार्ड के जवान के साथ हुई बहस

साहिबगंज. छह वर्षीय बच्ची गोमदी पहाड़िन की मौत मामले को लेकर चिकित्सक पर की गयी कार्रवाई के विरोध में झासा के नेतृत्व में 18 सितंबर से चिकित्सकों ने सदर अस्पताल की ओपीडी सेवा बाधित कर रखी है. हालांकि सदर अस्पताल में मरीजों का रजिस्ट्रेशन किया जा रहा है. अन्य दिनों की तुलना में इमरजेंसी में दोगुनी मरीजों को देखा गया. सोमवार को सदर अस्पताल मे इलाज कराने आये मरीजों ने होमगार्ड के जवान व चिकित्सक पर अपना भड़ास निकाला. मरीजों ने आरोप लगाते हुए कहा कि सदर अस्पताल के इमरजेंसी में चिकित्सक मरीज को नहीं देखे. जबकि बुखार से बच्चा की हालत खराब है. वहीं, दो महिला सहित अन्य तीन चार मरीज डाक्टर को दिखाने के लिए परेशान था. लेकिन इमरजेंसी में बैठे चिकित्सक ओपीडी हड़ताल का हवाला देकर मरीजों को नही देखे तो अंत में मरीजों ने डाॅ मुकेश कुमार को मुख्य द्वार पर ही घेर कर मरीज को देख लेने की गुहार लगाने लगे तो डाॅ मुकेश कुमार ने मुख्य द्वार पर ही खड़े- खड़े पांच-छह मरीजों को देखे. वहीं, ओपीडी बंद रहने के कारण शहरी व ग्रामीण क्षेत्र से इलाज कराने आये मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

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