तीनपहाड़ बाजार में तिलकुट की दुकानों पर बढ़ी भीड़

मकर संक्राति को लेकर दही-चूड़ा, तिलकुट व गजक की बढ़ी मांग, तीनपहाड़ बाजार में चहल-पहल बढ़ी

By ABDHESH SINGH | January 12, 2026 11:46 PM

तीनपहाड़

मकर संक्रांति का पावन पर्व 14 जनवरी को मनाया जाएगा. इस पर्व पर दही-चूड़ा, तिलकुट एवं विभिन्न पारंपरिक व्यंजनों के सेवन का विशेष महत्व है. पर्व को लेकर तीनपहाड़ बाजार में चहल-पहल बढ़ गयी है और जगह-जगह तिलकुट एवं अन्य सामग्री की दुकानें सज गयी हैं. लोग अभी से ही पर्व की तैयारी में जुट गये हैं और जमकर खरीदारी कर रहे हैं. इस वर्ष बाजार में दही, गुड़, तिलकुट, चूड़ा के साथ-साथ गजक भी उपलब्ध है. बाजार में दही 140 से 200 रुपये प्रति किलो, मीठा दही 200 रुपये प्रति किलो, चूड़ा कतरनी 70 रुपये प्रति किलो तथा सामान्य चूड़ा 50 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रहा है. खजूर गुड़ 120 रुपये प्रति किलो, सामान्य गुड़ 50 रुपये प्रति किलो एवं मसाला गुड़ 70 रुपये प्रति किलो में उपलब्ध है. तिल से बने व्यंजनों में तिल के लड्डू 300 से 400 रुपये प्रति किलो, सादा तिल लड्डू 450 रुपये प्रति किलो, तिल पेड़ा 500 रुपये प्रति किलो, गुड़-बेदाम कटकटी 25 रुपये प्रति पीस, गुड़-तिल कटकटी 30 रुपये प्रति पीस तथा चीनी तिलवा 120 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रहा है. वहीं तिलकुट 280 से 320 रुपये प्रति किलो, गया का तिलकुट 400 रुपये प्रति किलो एवं खोआ तिलकुट 600 रुपये प्रति किलो में उपलब्ध है. इसके अलावा खोआ रामदाना लाई 600 रुपये प्रति किलो, अनरसा 550 रुपये प्रति किलो, गजक 400 से 500 रुपये प्रति किलो, चूड़ा लाई 160 रुपये प्रति किलो एवं मुड़ी लाई 160 रुपये प्रति किलो की दर से तीनपहाड़ बाजार में बिक्री हो रही है. बाजार में भागलपुर एवं गया के तिलकुट पैकेट के रूप में भी उपलब्ध हैं, जिनमें गया के तिलकुट की मांग सबसे अधिक देखी जा रही है. व्यापारियों के अनुसार, इस बार मकर संक्रांति पर तीनपहाड़ में लगभग 500 किलो दही की खपत होने का अनुमान है. पर्व के नजदीक आते ही बाजार में और अधिक भीड़ बढ़ने की संभावना है.

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