साहिबगंज : सदर प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय गोपालपुर सिन्हा टोला स्कूल में गुरुवार को पानी प्रवेश कर गया. करीब डेढ़ फीट पानी जमा होने के कारण विद्यालय को बंद कर दिया गया है. प्राचार्य अजगैवीनाथ यादव ने बताया कि कक्षा 1 से 5 तक 74 बच्चे नामांकित हैं. पानी प्रवेश करने से पठन-पाठन प्रभावित हो गया है और बच्चे स्कूल नहीं पहुंचे. सभी बच्चों को तत्काल उत्क्रमित मध्य विद्यालय शोभनपुर भेजा गया है.
कई इलाकों में फैला बाढ़ का पानी
गोपालपुर, शोभनपुर और रामपुर दियारा में पानी फैल गया है. नगर परिषद क्षेत्र के छह वार्ड भी बाढ़ की चपेट में आ गये हैं. शहर के रिहायशी इलाकों भरतिया कॉलोनी, रसूलपुर दहला, नया टोला, हरीपुर, हबीबपुर, कमलटोला, चानन और कबूतरखोपी गांव में कई घर पानी से घिर गये हैं. भरतिया कॉलोनी के निचले इलाके के नाले में भी पानी प्रवेश कर रहा है.
150 घर बाढ़ की चपेट में
सदर प्रखंड के रामपुर दियारा, दुर्गास्थान टोला टोपरा, बड़ा रामपुर, छोटा रामपुर और हरप्रसाद में करीब 150 घर बाढ़ की चपेट में हैं. कारगिल दियारा के दर्जनों लोग साहिबगंज आये हैं, जबकि पशुओं के साथ गंगा थाना के समीप कैंप किये हुए हैं. बाढ़ प्रभावित क्षेत्र चारों ओर से पानी से घिरे हुए हैं.
श्मशान घाट में भी घुसा पानी
मुनीलाल घाट स्थित श्मशान घाट भी गंगा का पानी फैलने से डूब गया है. दो लोहे के अर्थी स्थल भी पानी में डूबने की स्थिति में हैं.
खतरे के निशान से 57 सेमी ऊपर गंगा
साहिबगंज में गंगा नदी उफान पर है. शुक्रवार को गंगा के जलस्तर में वृद्धि दर्ज की गयी. केंद्रीय जल आयोग, पटना की दैनिक रिपोर्ट के अनुसार शुक्रवार सुबह छह बजे साहिबगंज में गंगा का जलस्तर 27.82 मीटर मापा गया, जो खतरे के निशान 27.25 मीटर से 57 सेमी ऊपर है. रिपोर्ट में अगले 24 घंटे में जलस्तर में 10 सेमी वृद्धि की संभावना जतायी गयी है, जिससे जलस्तर 27.85 मीटर तक पहुंचने का अनुमान है.
मक्का की फसल में घुसा पानी
10 दिनों से जलस्तर में वृद्धि होने से दियारा क्षेत्रों में रह रहे लोगों की चिंता बढ़ गयी है. जलस्तर बढ़ने से सदर प्रखंड के रामपुर, गर्म टोला, रामपुर स्थित सकरीगली और इग्लीस के 200 एकड़ में लगी मक्के की फसल में पानी प्रवेश कर गया है. मजबूरी में किसान पानी में घुसकर मक्का काट रहे हैं.
आठ गांवों में बांटी गयी राहत सामग्री
पदाधिकारी के अनुसार सदर प्रखंड के आठ गांवों में राहत सामग्री का वितरण किया गया है. चारा और सामग्री वितरण करने का निर्देश दिया गया है. साथ ही बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में रहने वाले लोगों से ऊंचे स्थल पर आकर शरण लेने की बात कही गयी है.
