जंगल में तैयार होती थी ‘फर्जी धातु’, करोड़ों में होती थी डील! यूपी-मुंबई-केरल तक फैला ठगी का जाल

झारखंड के साहिबगंज में DRDO के जाली दस्तावेजों और फर्जी धातु के जरिए करोड़ों की ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़, तीन आरोपी गिरफ्तार.

नागराज साह, बरहेट : झारखंड के साहिबगंज जिले के बरहेट थाना क्षेत्र अंतर्गत बास्को पहाड़ पर विगत 13 अगस्त को पुलिस ने घेराबंदी कर फर्जी धातु एवं डीआरडीओ यानी रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन के जाली दस्तावेजों के साथ तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था. बरहेट पुलिस की पूछताछ में इस अंतर्राज्यीय गिरोह के नेटवर्क को लेकर कई अहम खुलासे हुए हैं. पुलिस के अनुसार गिरोह के मास्टरमाइंड उत्तरप्रदेश, दिल्ली, मुंबई, केरल और अन्य राज्यों में फर्जी धातु बेचकर करोड़ों रुपये की ठगी करते थे. तीनों आरोपियों नूर अंसारी, गुलजार अंसारी और शाहनवाज आलम को पुलिस रिमांड पर लेकर इस बड़े रैकेट के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक खंगाले जा रहे हैं.

छोटे गिरोहों को मिलता था कॉन्ट्रैक्ट, बदले में लाखों का भुगतान

सूत्रों के अनुसार इस गिरोह के काम करने का तरीका बेहद चौंकाने वाला है. अंतर्राज्यीय गिरोह का सरगना खुद सीधे तौर पर सामने नहीं आता था. वह बास्को पहाड़, डुमरिया और अन्य सुनसान जंगलों का इस्तेमाल स्थानीय और छोटे एक दर्जन से अधिक अपराधियों को फर्जी धातु तैयार करने की ट्रेनिंग देने के लिए करता था. इसके बाद इन छोटे गिरोहों को नकली धातु तैयार करने की जिम्मेदारी सौंप दी जाती थी. बताया जाता है कि जैसे ही छोटे अपराधी नकली धातु तैयार कर सरगना को सौंपते थे, उन्हें इसके बदले एडवांस और पारिश्रमिक के तौर पर लाखों रुपये का नकद भुगतान किया जाता था.

विभिन्न राज्यों में होती थी करोड़ों की डील

इस पूरे काम में एक दर्जन छोटे गिरोहों से कम दाम में फर्जी धातु तैयार कराने के बाद मुख्य सरगना इस नकली सामग्री को लेकर उत्तरप्रदेश, दिल्ली, मुंबई और केरल के बड़े शहरों का रुख करते थे. वहां अमीर, उद्योगपतियों और रसूखदार लोगों को चमत्कारी और बेशकीमती धातु का झांसा देकर अपने जाल में फंसाया जाता था. पुलिस सूत्रों के अनुसार इसमें कई बड़े अधिकारी और मंत्री के रिश्तेदार भी शिकार हुए हैं. हालांकि इस विषय पर पुलिस अभी कुछ भी बताने से इंकार कर रही है.

जाली डीआरडीओ दस्तावेजों से खरीदारों को दिलाया जाता था भरोसा

खरीदारों को पूरा भरोसा दिलाने के लिए आरोपी भारत सरकार के उपक्रम DRDO के जाली लेटरपैड, फर्जी प्रमाणपत्र और नकली लोगो का इस्तेमाल करते थे. इस सुनियोजित फर्जीवाड़े के जरिये इस सिंडिकेट ने अब तक देश के अलग अलग हिस्सों में कई लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी की है.

रिमांड में उगलवाए जा रहे नेटवर्क के राज

मामले की गंभीरता, भारी वित्तीय लेनदेन और अंतर्राज्यीय कनेक्शन को देखते हुए कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने तीनों आरोपियों को रिमांड पर लिया है. थाना प्रभारी चंदन कुमार भैया ने बताया कि रिमांड अवधि के दौरान आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है. दिल्ली और मुंबई में बैठे इस सिंडिकेट के असली आका और संपर्क सूत्र कौन हैं, छोटे गिरोहों को बांटे गए लाखों रुपये और ठगी के करोड़ों रुपये का ट्रांजैक्शन किन बैंक खातों या माध्यमों से हुआ, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है. स्थानीय स्तर पर इस रैकेट को संरक्षण देने वाले और कौन कौन से छोटे गिरोह सक्रिय हैं, इसका भी पता लगाया जा रहा है. पुलिस का दावा है कि रिमांड के दौरान मिल रहे सुरागों के आधार पर जल्द ही इस मामले में कई अन्य स्थानीय अपराधियों और सफेदपोशों की गिरफ्तारियां हो सकती हैं.

दो साल पुराना किडनैपिंग कनेक्शन भी सामने आया

बास्को पहाड़ पर पकड़े गए इस अंतर्राज्यीय सिंडिकेट का इतिहास पुलिस सूत्रों के अनुसार करीब दो साल पुराना बताया जा रहा है. करीब दो साल पूर्व एक नेता के अलावा खैरवा गांव के आसमोहम्मद अंसारी पर इसी फर्जी धातु और ठगी के खेल में बरहेट के दो स्थानीय युवकों का उत्तरप्रदेश में अपहरण करने का आरोप लगा था. यह मामला तब बेहद हाईप्रोफाइल हो गया था, जब झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने इस घटना को लेकर एक ट्वीट किया था और राज्य की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए थे. पूर्व मुख्यमंत्री के ट्वीट के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था. इसके बाद तत्कालीन परिस्थितियों को देखते हुए झारखंड पुलिस और उत्तरप्रदेश पुलिस ने संयुक्त विशेष अभियान चलाया था. दोनों राज्यों की पुलिस के कड़े दबाव और त्वरित कार्रवाई के कारण अपहरणकर्ताओं के हौसले पस्त हुए थे. आखिरकार किडनैपिंग के ठीक चार दिन बाद दोनों युवकों को सकुशल बरामद कर घर वापस लाया जा सका था.


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Bikash jaswal

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >