प्रतिनिधि, बरहरवा. साहिबगंज जिले के बरहरवा थाना क्षेत्र की आहुतग्राम पंचायत अंतर्गत इस्लामपुर गांव में एसआईआर प्रक्रिया के दौरान फर्जी तरीके से प्रमाण पत्र तैयार कर जमा किए जाने के मामले में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस ने अनुसंधान तेज कर दिया है. मामले की जांच के क्रम में पुलिस ने सोमवार को इस्लामपुर गांव पहुंचकर कंप्यूटर ऑपरेटर सह सीएससी संचालक मोहम्मद समीम के घर छापेमारी की. छापेमारी के दौरान पुलिस ने कंप्यूटर सेट, प्रिंटर समेत कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं.
पुलिस जब्त किए गए कंप्यूटर, प्रिंटर और दस्तावेजों की जांच कर रही है. जांच के जरिए यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि कथित फर्जी प्रमाण पत्र तैयार करने में इन उपकरणों और दस्तावेजों का किस तरह इस्तेमाल किया गया और इस पूरे मामले में किन-किन लोगों की भूमिका रही है.
8 लोगों के खिलाफ दर्ज है प्राथमिकी
जानकारी के अनुसार, झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार के निर्देश पर बरहरवा थाना में मामले को लेकर कांड संख्या 224/26 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गयी है. प्राथमिकी में कुल आठ लोगों को आरोपी बनाया गया है.
मामला सामने आने के बाद पुलिस ने तत्काल अनुसंधान शुरू कर दिया. पुलिस संबंधित लोगों से पूछताछ करने के साथ-साथ प्रमाण पत्रों और अन्य दस्तावेजों की भी जांच कर रही है.
सत्यापन के दौरान प्रमाण पत्रों पर हुआ संदेह
बताया जाता है कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान दस्तावेजों के सत्यापन के क्रम में कुछ प्रमाण पत्रों को लेकर संदेह उत्पन्न हुआ था. इसके बाद मामले की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दी गयी. प्रारंभिक जांच में मामला संदिग्ध पाए जाने के बाद प्राथमिकी दर्ज करायी गयी.
अब पुलिस इस बात की पड़ताल कर रही है कि कथित फर्जी प्रमाण पत्र कहां और किसके माध्यम से तैयार किए गए. साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि प्रमाण पत्र तैयार करने के लिए कंप्यूटर, प्रिंटर और अन्य दस्तावेजों का इस्तेमाल किस स्तर पर किया गया.
बीडीओ ने भी दर्ज कराया बयान
मामले की जानकारी मिलने के बाद बरहरवा बीडीओ सनी कुमार दास भी मौके पर पहुंचे. उन्होंने पुलिस अधिकारियों के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया. पुलिस बीडीओ के बयान के साथ-साथ अन्य संबंधित लोगों से मिली जानकारी को भी अनुसंधान का हिस्सा बना रही है.
कंप्यूटर और प्रिंटर की हो सकती है तकनीकी जांच
पुलिस द्वारा जब्त कंप्यूटर सेट और प्रिंटर की तकनीकी जांच भी करायी जा सकती है. इसके माध्यम से कथित प्रमाण पत्र तैयार करने, उसमें डाटा दर्ज करने और प्रिंट निकालने से जुड़ी जानकारी जुटाने का प्रयास किया जाएगा.
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है. पुलिस अधिकारियों के अनुसार अनुसंधान के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
