जिले के आयुष्मान आरोग्य मंदिर में तैनात चिकित्सकों को दो माह मानदेय नहीं

आयुष चिकित्सालय का हाल. जर्जर भवनों में मरीजों को जाने में लगता है डर, शौचालय की भी नहीं है व्यवस्था

बरहरवा. केंद्र सरकार के राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत द्वारा लोगों को स्वस्थ और तंदुरुस्त रखने के लिये जिले के विभिन्न प्रखंड में आयुष्मान आरोग्य मंदिर (आयुष) चल रहे हैं. इन केंद्रों में नियुक्त आयुष चिकित्सा पदाधिकारी के द्वारा मरीजों का इलाज किया जा रहा है. जिले भर में करीब 19 आयुष्मान आरोग्य मंदिर (आयुष) में हजारों मरीजों ने अपना इलाज करवाया है. यहां लोगों को दवा उपलब्ध कराने के साथ-साथ योग के जरिये निरोग रहने के तरीके भी सिखाये जा रहे हैं. यह केंद्र सरकार की अच्छी पहल तो है, लेकिन यहां आने वाले मरीजों को परेशानी भी उठानी पड़ रही है. जिले में जल्दबाजी में कई केंद्रों को सरकारी जर्जर भवनों में ही खोल दिया गया. भवन खोले जाने के बाद केवल एक बार ही रंगाई-पुताई का काम हो पाया है. मरीज बताते हैं कि रंगाई-पुताई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति ही हुई है. भवन को अंदर से देखने पर काफी डर लगता है. बरहरवा के ब्लॉक परिसर व रांगा सीएचसी के समीप भवन काफी जर्जर हैं. मरीज बताते हैं कि केंद्र में शौचालय की व्यवस्था नहीं है. ऐसे में जो लोग यहां इलाज करवाने आते हैं, उन्हें दिक्कत होती है. यहां पीने का पानी भी नहीं है. ज्ञात हो कि बरहरवा प्रखंड के प्रखंड मुख्यालय, बिशनपुर, मालिन, चंडीपुर, आगलोई के अलावे पतना प्रखंड में रांगा व मोदीकोला सहित अन्य प्रखंडों के 19 स्थानों में केंद्र हैं. मरीजों का इलाज करने वाले चिकित्सक (आयुष) को दो माह से मानदेय नहीं मिल पाया है. नया साल आने को है, ऐसे में उन चिकित्सकों को भी परेशानी हो रही है. इसके अलावे केंद्रों में आउटसोर्सिंग के तहत योग प्रशिक्षक भी नियुक्त किये गये हैं. ये योग प्रशिक्षक लोगों को योग की शिक्षा देते हैं. इन्हें भी दो माह से मानदेय नहीं मिल सका है. 19 में महज दो केंद्रों पर ही हैं दवा मिश्रक वर्तमान समय में आयुष्मान आरोग्य मंदिर (आयुष) में इलाज करवाने के लिये आने वाले मरीजों की जांच कर यहां के सीएचओ दवा देते हैं. इन केंद्रों में विभाग के द्वारा एक-एक मिश्रक भी नियुक्त किये जाने थे, लेकिन जानकारी के अनुसार अब तक 19 केंद्रो में महज 2 केंद्र में ही मिश्रक उपलब्ध हैं. यदि सभी केंद्र में मिश्रक उपलब्ध होते, तो यहां के चिकित्सक को काफी सुविधा होती. कहते हैं पदाधिकारी जिले के डीएमओ आलोक चन्द्र श्रीवास्तव ने बताया कि विभाग को जो संसाधन उपलब्ध कराये गये हैं. उसी के तहत लोगों को सुविधा दी जा रही है. जर्जर केंद्र की मरम्मत के लिये जिला आयुष सोसाइटी की बैठक में चर्चा की जायेगी.

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