बरहेट. झारखंड सरकार की कैबिनेट ने बरहेट क्षेत्र को बड़ी सौगात देते हुए गोपलाडीह से आरसीडी पथ भोगनाडीह तक 3.725 किलोमीटर लंबी बाईपास सड़क के निर्माण को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी है. इस परियोजना के लिए 88 करोड़ 84 लाख 500 रुपये की मंजूरी दी गयी है, जिसमें भू-अर्जन और पौधरोपण का कार्य भी शामिल है. भोगनाडीह, झारखंड के क्रांतिकारी महानायक सिदो-कान्हू की ऐतिहासिक कर्मभूमि है. यहां प्रत्येक वर्ष 11 अप्रैल को जयंती तथा 30 जून को हूल दिवस के अवसर पर लाखों श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं.
साहिबगंज समेत राज्य के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में लोगों के आने के कारण वर्षों से मेले के दौरान जाम की गंभीर समस्या बनी रहती है. इसी समस्या के समाधान के लिए सरकार ने बाईपास सड़क निर्माण को मंजूरी दी है. सड़क बनने के बाद भारी वाहनों का आवागमन भोगनाडीह के मुख्य क्षेत्र से नहीं होगा. ऐसे वाहन लखीपुर मार्ग से होकर बरहरवा और पाकुड़ की ओर जा सकेंगे, जिससे मेले के दौरान यातायात व्यवस्था सुगम होने की उम्मीद है. प्रशासनिक स्वीकृति मिलने के बाद अब पथ प्रमंडल, साहिबगंज की ओर से जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी. टेंडर पूरा होने के बाद निर्माण कार्य आरंभ होगा. बाईपास सड़क परियोजना को मंजूरी मिलने से स्थानीय लोगों और झामुमो कार्यकर्ताओं में खुशी का माहौल है. लोगों ने सरकार के निर्णय का स्वागत करते हुए सड़क निर्माण कार्य जल्द शुरू कराने की उम्मीद जतायी है.
बरहेट विधानसभा क्षेत्र में सड़कों का जाल बिछाना शुरू हो गया है. भोगनाडीह से गोपलाडीह बाईपास सड़क निर्माण से जाम की समस्या से मुक्ति मिलेगी. हमारे विधायक सह मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, केंद्रीय सचिव सह प्रवक्ता पंकज मिश्रा के सकारात्मक प्रयास से लगातार विकास योजनाओं की गति दी जा रही है. बरहेट का चहुंमुखी विकास हो, यह हम सब लोगों की सोच है.
भोगनाडीह से गोपलाडीह सड़क निर्माण हो जाने से आसपास के लोगों के साथ-साथ बाहर से आने वाले लोगों को भी भोगनाडीह जाने में आसानी होगी. इसके अलावा 30 जून और 11 अप्रैल को लगने वाले प्रसिद्ध मेला में भी वाहनों को जाम से मुक्ति मिलेगी.
