मनरेगा के तहत 28% ही मानव दिवस सृजित, आठ से शोकॉज, मानदेय स्थगित

एमआइएस प्रतिवेदन के आलोक में बीडीओ ने की कार्रवाई

तालझारी. प्रखंड अंतर्गत संचालित अबुआ आवास, पीएम जनमन एवं प्रधानमंत्री आवास योजना में मनरेगा के तहत मानव दिवस का सृजन अत्यंत असंतोषजनक रहा है. चार मार्च के एमआइएस प्रतिवेदन के अवलोकन में यह पाया गया कि मात्र 28 प्रतिशत मानव दिवस का ही सृजन किया गया है. कार्य में शिथिलता एवं लापरवाही को देखते हुए बीडीओ ने संबंधित आठ पंचायतों से स्पष्टीकरण मांगा है. साथ ही, अगले आदेश तक उन सभी का मानदेय स्थगित कर दिया गया है. बीडीओ ने निर्देश दिया कि पत्र प्राप्ति के 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया जाये, अन्यथा उच्चाधिकारियों को इसकी सूचना देकर विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा की जायेगी. बीडीओ पवन कुमार ने बताया कि वृंदावन पंचायत के रोजगार सेवक मनोज कुमार दुबे, जन सेवक सह आवास प्रभारी पंकज कुमार, तत्कालीन रोजगार सेवक शबीना परवीन (कल्याणी), रोजगार सेवक सह आवास प्रभारी स्ट्रेला मुर्मू (पोखरिया), रोजगार सेवक सह आवास प्रभारी प्रिय रंजन दास (सकडभंगा), रोजगार सेवक सह आवास प्रभारी पंकज मोहन (सालगाछी संथाली), पंचायत सचिव सह आवास प्रभारी सौरभ सुमन (तालझारी) एवं तत्कालीन रोजगार सेवक रेणुका रजक (तालझारी) को विषयक प्रासंगिक पत्र के माध्यम से लगातार निर्देशित किया जा रहा था कि प्रखंड अंतर्गत संचालित अबुआ आवास, पीएम जनमन एवं प्रधानमंत्री आवास योजनाओं में मनरेगा के तहत नियमानुसार मानव दिवस का सृजन किया जाये.

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By Prabhat Khabar News Desk

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