आचार्य शिव बालक राय की 110वीं जयंती मनी, बोले मुख्य वक्ता डॉ सच्चिदानंद

आचार्य शिवबालक राय हिंदी आलोचना के शिखर पुरुष थे

साहिबगंज

हिंदी साहित्य के प्रख्यात समालोचक आचार्य शिवबालक राय की 110वीं जयंती प्रगति भवन में मनायी गयी. इस अवसर पर आचार्य जी के शिष्यों, सहकर्मियों, साहित्यकारों एवं साहित्य प्रेमियों की उपस्थिति रही. कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ रामजन्म मिश्र, कुलाधिपति विक्रमशिला हिंदी विद्यापीठ ने की. शुभारंभ आचार्य शिवबालक राय के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुआ. मुख्य वक्ता डॉ सच्चिदानंद, सचिव झारखंड राजभाषा साहित्य अकादमी ने कहा कि आचार्य शिवबालक राय हिंदी आलोचना के शिखर पुरुष थे, जो पंडित रामचंद्र शुक्ल और हजारी प्रसाद द्विवेदी की आलोचनात्मक परंपरा के सशक्त संवाहक रहे. उन्होंने वाल्मीकि और गोस्वामी तुलसीदास के साहित्य का गहन आलोचनात्मक विवेचन कर हिंदी आलोचना को नयी दिशा दी. डॉ रामजन्म मिश्र ने कहा कि आचार्य राय के व्यक्तित्व में वाल्मीकि, व्यास और कालिदास की त्रयी का अद्भुत समन्वय दिखाई देता है. वे लौकिक होते हुए भी लोकोत्तर चेतना से संपन्न, स्थितप्रज्ञ और महायोगी व्यक्तित्व के धनी थे. साहित्यकार अनिरुद्ध प्रभाष ने आचार्य जी को ज्ञान का प्रतिमान बताते हुए उन्हें एक कुशल शिक्षक, प्रशासक और समर्थ आलोचक कहा. उनके छात्र रहे पुलिस अधिकारी बच्चू लाल ने आचार्य जी के प्रेरक व्यक्तित्व को स्मरण करते हुए भावुक अनुभव साझा किया. सरिता मिश्रा ने बताया कि आचार्य शिवबालक राय 1955 से 1976 तक साहिबगंज कॉलेज के प्राचार्य रहे, जहां उनके कार्यकाल में महाविद्यालय साहित्यिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बना रहा. सभा में वक्ताओं ने आचार्य जी की प्रमुख कृतियों—‘दिनकर’, ‘साहित्य के सिद्धांत और कुरुक्षेत्र’, ‘कालिदास के सौंदर्य सिद्धांत और मेघदूत’, ‘वाल्मीकि रामायण : एक काव्य अनुशीलन’ और ‘भक्तिकाल का सौंदर्य शास्त्र’ सहित अन्य रचनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला. समापन नकुल मिश्रा ने हनुमान चालीसा पाठ के साथ किया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Abdhesh singh

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >