पटेल चौक से हटिया तक बनेगा आरओबी, शहर को मिलेगा नया यातायात कॉरिडोर

चार सदस्यीय टीम ने किया निरीक्षण, डिजाइन पर हुई मंत्रणा

इमरान

साहिबगंज शहर की लाइफ लाइन कहे जाने वाले पश्चिम रेलवे फाटक (गेट संख्या 82) पर प्रस्तावित रेल ओवर ब्रिज (आरओबी) के निर्माण की दिशा में अब ठोस कदम उठाए जा रहे हैं. दशकों पुरानी इस बहुप्रतीक्षित मांग को लेकर रेलवे ने डिजाइन प्रक्रिया तेज कर दी है, और पुल की लाइनमेंट, चौड़ाई और कनेक्टिविटी को लेकर भी तस्वीर स्पष्ट होने लगी है. रेलवे ने आरओबी के डिजाइन का कार्य गुजरात की जिओ डिजाइन एंड रिसर्च प्राइवेट लिमिटेड, वडोदरा को सौंपा है. गुरुवार को कंपनी के इंजीनियरों की दो सदस्यीय टीम रंधीर सिंह, एके सिंह साहिबगंज पहुंची और साहिबगंज पथ निर्माण विभाग के सहायक अभियंता रामेश्वर मुर्मू, जेई महेश दत्त के साथ पश्चिम रेलवे फाटक (गेट संख्या 82) के आसपास प्रस्तावित पुल के डिजाइन के आधार पर भौतिक सत्यापन किया.

पटेल चौक से बादशाह मोड़ होते हुए हटिया तक जाएगा पुल

प्रस्तावित डिजाइन के अनुसार आरओबी का निर्माण शहर के पटेल चौक से शुरू होकर बादशाह मोड़ तक किया जाएगा. इसके बाद पुल बादशाह मोड़ से सीधे रेलवे लाइन को क्रॉस करते हुए हटिया के शौचालय के समीप नीचे उतरेगा. यहां से पुल को मोड़ते हुए हटिया में प्रवेश कराया जाएगा और आगे इसे प्रखंड कार्यालय सड़क से जोड़ने का प्रस्ताव है. इस पूरी संरचना से स्पष्ट है कि आरओबी केवल रेलवे फाटक का विकल्प नहीं होगा, बल्कि यह शहर को एक नया वैकल्पिक यातायात कॉरिडोर उपलब्ध कराएगा. इससे पटेल चौक, बादशाह मोड़, हटिया और प्रखंड कार्यालय रोड जैसे व्यस्त इलाकों को सीधे और सुगम तरीके से आपस में जोड़ा जा सकेगा.

17 पिलरों पर खड़ा होगा आरओबी

डिजाइन में प्रस्तावित किया गया है कि आरओबी का निर्माण कुल 17 पिलरों पर किया जाएगा. इंजीनियरों ने बताया कि पिलरों की संख्या, दूरी और ऊंचाई को रेलवे मानकों और स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप तय किया गया है. ताकि सुरक्षा और मजबूती के साथ-साथ भविष्य में बढ़ने वाले ट्रैफिक का दबाव भी संभाला जा सके.

12 मीटर चौड़ा हो सकता है पुल

आरओबी की चौड़ाई लगभग 12 मीटर रखे जाने का प्रस्ताव है.इतनी चौड़ाई होने से पुल पर एक साथ दोनों ओर से भारी और हल्के वाहनों का आवागमन सहज रूप से संभव हो सकेगा. यातायात विशेषज्ञों के अनुसार 12 मीटर चौड़ा आरओबी साहिबगंज जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर के लिए दीर्घकालिक समाधान साबित होगा.

3.50 मीटर से अधिक चौड़ी होगी सर्विस सड़क

आरओबी के साथ-साथ सर्विस सड़क की भी योजना बनाई गई है. प्रस्तावित डिजाइन के अनुसार सर्विस रोड की चौड़ाई 3.50 मीटर से अधिक रखी जा सकती है. विशेष रूप से सब्जी मंडी रोड की ओर सर्विस सड़क की सुविधा दी जाएगी, ताकि स्थानीय दुकानदारों, ठेला व्यवसायियों और आसपास के निवासियों को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी न हो. सर्विस रोड से न केवल स्थानीय यातायात को राहत मिलेगी, बल्कि निर्माण कार्य के दौरान भी ट्रैफिक डायवर्जन में सहूलियत होगी.

बादशाह मोड़ पर पैदल यात्रियों के लिए सीढ़ी

डिजाइन में बादशाह मोड़ पर पुल पर चढ़ने के लिए सीढ़ी (स्टेयरकेस) का भी प्रावधान रखा गया है. यह सुविधा खासतौर पर पैदल यात्रियों, बुजुर्गों, छात्रों और अस्पताल जाने वाले मरीजों के लिए उपयोगी होगी.

जाम से जूझते शहर को मिलेगी स्थायी राहत पश्चिम रेलवे फाटक साहिबगंज का सबसे व्यस्त इलाका माना जाता है. यहां बार-बार फाटक बंद रहने से दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है. सुबह और शाम के समय हालात और भी गंभीर हो जाते हैं. आरओबी के निर्माण के बाद रेलवे फाटक पर लगने वाला जाम पूरी तरह समाप्त हो जाएगा और शहर की यातायात व्यवस्था सुचारू हो सकेगी.

आजादी के बाद से उठती रही मांग

जानकारों के अनुसार पश्चिम रेलवे फाटक पर ओवर ब्रिज निर्माण की मांग आजादी के बाद से ही उठती रही है. समय के साथ यह मांग कमजोर जरूर पड़ी, लेकिन हाल के वर्षों में शहर में बढ़ती आबादी, वाहनों की संख्या में इजाफा और खासकर रेलवे लाइन के उस पार सदर अस्पताल समेत अन्य महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालयों के संचालन के बाद यह मांग फिर से तेज हो गई.

मांग पत्र और प्रशासनिक सहयोग से मिली रफ्तार: पंकज

साहिबगंज. झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय प्रवक्ता पंकज मिश्रा द्वारा पश्चिम और पूर्वी रेलवे फाटकों पर ओवर ब्रिज निर्माण की मांग को लेकर मालदा मंडल के रेल प्रबंधक मनीष कुमार गुप्ता को मांग पत्र सौंपा गया था. इसके बाद मालदा मंडल के रेल प्रबंधक और साहिबगंज के डीसी हेमंत सती के बीच अधिकारियों के साथ लंबी बातचीत हुई. बैठक में भूमि अधिग्रहण, डिजाइन, सर्विस सड़क, बाइपास और ट्रैफिक व्यवस्था जैसे बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई. डीसी ने भरोसा दिलाया कि जिला प्रशासन हर स्तर पर रेलवे को सहयोग देगा.

डिजाइन स्वीकृति के बाद टेंडर और शिलान्यास

रेलवे सूत्रों के अनुसार प्रोविजनल डिजाइन के भौतिक सत्यापन के बाद जैसे ही अंतिम डिजाइन स्वीकृत होगी, टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी. उम्मीद जताई जा रही है कि सभी प्रक्रियाएं समय पर पूरी हुईं तो जनवरी माह में आरओबी निर्माण का शिलान्यास भी संभव है.

डिजाइन टीम के पहुंचते ही दिखी खुशी

जब कंसल्टेंसी कंपनी के इंजीनियर डिजाइन के साथ रेलवे फाटक पहुंचे, उसी समय फाटक बंद था और ट्रेन गुजर रही थी.जैसे ही स्थानीय लोगों को जानकारी मिली कि ओवर ब्रिज निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है, लोगों में खुशी और उत्साह देखने को मिला. लोगों ने कहा कि यह पुल साहिबगंज के विकास के लिए बेहद जरूरी है और इसका निर्माण जल्द से जल्द होना चाहिए.

शहर के विकास में मील का पत्थर बनेगा आरओबी

कुल मिलाकर पटेल चौक से हटिया तक प्रस्तावित यह आरओबी न केवल रेलवे फाटक की समस्या का समाधान करेगा, बल्कि यह साहिबगंज को बेहतर कनेक्टिविटी, सुगम यातायात और नए विकास अवसर भी देगा. अब शहरवासियों की निगाहें अंतिम डिजाइन, टेंडर प्रक्रिया और शिलान्यास पर टिकी हैं

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By Abdhesh singh

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