चैती दुर्गा अंडरपास के निर्माण से बदलेगी साहिबगंज की तस्वीर

- शहर को जाम से मुक्ति दिलाने की ओर उठाया गया ऐतिहासिक कदम

साहिबगंज.

साहिबगंज शहर के लिए यह खबर किसी बड़ी सौगात से कम नहीं है. वर्षों से शहर के बीचों-बीच जाम की समस्या से त्रस्त आम लोगों के लिए अब राहत की राह खुलती दिख रही है. भारतीय रेलवे द्वारा चैती दुर्गा अंडरपास निर्माण को स्वीकृति दी गयी है. टेंडर की प्रक्रिया शुरू हो गयी है. शहर को जाम से मुक्ति की ओर ऐतिहासिक कदम के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि शहर को जाम से मुक्त करने का प्रयास अब कागजों से निकलकर जमीन पर उतरने की दिशा में बढ़ चुका है. ज्ञात हो कि पिछले दिनों झामुमो के केन्द्रीय प्रवक्ता पंकज मिश्रा, डीसी हेमंत सती, एसपी अमित कुमार सिंह ने डीआरएम से डीसी कार्यालय में बैठक की और अंडरपास सब-वे निर्माण की बात कही. पंकज मिश्रा ने कहा कि जो कहा, वह होकर रहेगा.

बीच शहर की जाम समस्या पर सीधा प्रहार :

साहिबगंज शहर की सबसे बड़ी समस्या यह रही है कि रेलवे लाइन शहर को दो हिस्सों में बांट देती है. एक सड़क से दूसरी सड़क तक पहुंचने के लिए लोगों को लंबा चक्कर लगाना पड़ता है या फिर ओवरब्रिज पर ट्रैफिक दबाव झेलना पड़ता है. नतीजा यह होता है कि दिन के अधिकांश समय शहर के मध्य भाग में भयंकर जाम की स्थिति बनी रहती है. अब प्रस्तावित अंडरपास के निर्माण से शहर के बीचों-बीच सीधी कनेक्टिविटी बहाल होगी, जिससे जाम की समस्या को जड़ से खत्म करने की दिशा में यह एक बड़ा और कारगर कदम माना जा रहा है.

पुराने अंडरपास से नए समाधान तक का सफर :

स्थानीय लोगों के अनुसार पहले भी इस स्थान पर अंडरपास था, लेकिन समय के साथ उसकी उपयोगिता समाप्त हो गयी. देखरेख के अभाव में वह कूड़ा-कचरे से भर गया और अंततः रेलवे ने उसे बंद कर ऊपर से पुल का निर्माण कराया. उस समय यह निर्णय रेलवे की मजबूरी था, लेकिन बदलते वक्त और बढ़ती आबादी के साथ शहर को फिर से अंडरपास की सख्त जरूरत महसूस होने लगी. लगातार मांग और सामाजिक संगठनों की आवाज को आखिरकार रेलवे ने गंभीरता से लिया और अब अंडरपास निर्माण का फैसला लेकर जनभावनाओं का सम्मान किया है.

तकनीकी रूप से सुरक्षित और आधुनिक निर्माण :

रेलवे की ओर से प्रस्तावित अंडरपास आधुनिक तकनीक से बनाया जाएगा, ताकि यातायात के साथ-साथ रेल परिचालन भी पूरी तरह सुरक्षित रहे. प्रीकास्ट आरसीसी बॉक्स के जरिए निर्माण होने से काम तेज, मजबूत और दीर्घकालिक होगा. यह अंडरपास न केवल आम नागरिकों बल्कि एंबुलेंस, दमकल और अन्य आपात सेवाओं के लिए भी बेहद उपयोगी साबित होगा.

सामाजिक सरोकार से जुड़ा फैसला :

स्थानीय नागरिकों का मानना है कि यह केवल एक निर्माण कार्य नहीं, बल्कि सामाजिक सरोकार से जुड़ा फैसला है. इससे छात्रों, मरीजों, व्यापारियों और कामकाजी लोगों का समय बचेगा और शहर की रफ्तार को नयी दिशा मिलेगी. शहर के कई सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने इस फैसले पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि ऐसे कार्यों से लोगों का रेलवे पर भरोसा और मजबूत हुआ है.

रेलवे के प्रति आभार, डीआरएम को धन्यवाद :

स्थानीय लोगों ने इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए पूर्वी रेलवे, मालदा मंडल के प्रति आभार जताया है. खासकर मालदा के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) मनीष कुमार गुप्ता को धन्यवाद देते हुए कहा गया है कि उनके नेतृत्व में रेलवे साहिबगंज की पुरानी गौरवशाली पहचान को वापस लाने की दिशा में लगातार सकारात्मक भूमिका निभा रही है. लोगों का कहना है कि रेलवे अब सिर्फ ट्रेनों तक सीमित नहीं रहकर शहर के समग्र विकास में भागीदार बन रही है, जो साहिबगंज के भविष्य के लिए शुभ संकेत है.

उम्मीदों के साथ आगे :

अब शहरवासियों की निगाहें इस पर टिकी हैं कि संयुक्त सर्वेक्षण के बाद अंडरपास निर्माण कार्य जल्द शुरू हो और समयबद्ध तरीके से पूरा हो. यदि यह योजना सफलतापूर्वक लागू होती है, तो आने वाले समय में साहिबगंज को जाम मुक्त, सुगम और विकसित शहर के रूप में पहचान मिलेगी.

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Author: ABDHESH SINGH

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