पहाड़ों पर अनाज का घंटों इंतजार करते रहे ग्रामीण

बदहाली . सुबह सात बजे से दोपहर 1 बजे तक बैठे रहे ग्रामीण एक तरफ राज्य सरकार लाभुकों को घर-घर तक अनाज पहुंचाने के लिए डाकिया योजना चला रही है. वहीं दूसरी तरफ पहाड़ों पर रहने वाले कार्डधारियों को आज भी खाद्यान्न के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है. साहिबगंज : गुरुवार को बोरियो […]

बदहाली . सुबह सात बजे से दोपहर 1 बजे तक बैठे रहे ग्रामीण

एक तरफ राज्य सरकार लाभुकों को घर-घर तक अनाज पहुंचाने के लिए डाकिया योजना चला रही है. वहीं दूसरी तरफ पहाड़ों पर रहने वाले कार्डधारियों को आज भी खाद्यान्न के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है.
साहिबगंज : गुरुवार को बोरियो प्रखंड के दुर्गा टोला पंचायत के समीप साहिबगंज-गोविंदपुर पथ पर अनाज के लिए सड़क के किनारे सैकड़ों की संख्या में पहाड़िया जनजाति के लाभुक झुंड में बैठे थे. पूछने पर पता चला कि आज लाभुकों के बीच चावल का वितरण किया जाना है. सुबह सात बजे से दोपहर 1 बजे तक पंचायत के कई गांव के लोग खाद्यान का इंतजार कर रहे थे. इस संबंध में बोरियो के एएनएम एसएन गुप्ता से पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि खाद्यान को घर घर पहुंचाने का नियम है.
डाकिया योजना का हाल, नहीं पहुंच रहा घर-घर अनाज
क्या कहते हैं लोग
सरकार हम लोगों के साथ मजाक कर रही है. कहती है कर्मचारी घर पर जाकर अनाज पहुंचायेगा. परंतु इस उलट काम हो रहा है. हम लोगों को सुबह सात बजे ही बुलाकर चावल देने के नाम पर इंतजार करवाया.
एलीशा पहाड़िन, तेतरिया पहाड़
चावल देने के नाम पर हम लोगों को बुलाकर पांच घंटे बैठा कर रखा फिर भी हमलोगों को दोपहर 2 बजे तक अनाज नहीं मिला है. आखिर सरकारी योजनाओं का कार्य कब तक इसी तरह चलता रहेगा.
-मैसा पहाडिया, तेतरिया पहाड़
एक तो दो माह बाद चावल देने बात कहा गया. वह भी अपना गांव में न देकर 10 किमी दूर ही मुख्य सड़क पर दिया तो फिर डाकिया योजना का क्या फायदा. -शामू पहाड़िया, तेतरिया

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >