साहिबगंज में रेल पटरी से पेंड्रोल क्लिप खोले जाने का मामला
साहिबगंज : साहिबगंज में रेल पटरी से पेंड्रोल क्लिप खोले जाने की घटना के पीछे बड़े रेल दुर्घटना को अंजाम देने की साजिश थी. रेल एसपी, आरपीएफ कमांडेंट द्वारा निरीक्षण करने के बाद रेलवे की सीआईडी टीम मंगलवार को देर शाम साहिबगंज पहुंची. टीम जल्द ही जांच कर रिपोर्ट देगी. इधर रेल व मुफस्सिल एवं जिरवाबाड़ी पुलिस टीम ने ताबड़तोड़ महादेवगंज व आसपास के क्षेत्र में छापेमारी कर कई लोगों से पूछताछ की. लेकिन कोई सफलता नहीं मिली.
जांच करने पहुंची इंजीनियरिंग टीम का मानना है कि साजिशकर्ता तकनीकी रूप से दक्ष थे और पेंड्रोल क्लिप कुछ इस तरह से खोली गई थी कि अगर सौ किमी की स्पीड से कोई ट्रेन गुजरती तो उसकी बोगियां पटरी से उतर कर बिखर जाती और भारी जानमाल का नुकसान उठाना पड़ता. शनिवार की रात बाहरी साइड का पेंड्रोल क्लिप खोला गया था. हालांकि इस मामले में पुलिस अभी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंची है. परंतु माना जाता है कि नक्सली या आतंकी संगठन किसी बड़ी घटना को अंजाम देेकर कोई संदेश देना चाहते होंगे. यही वजह है कि जिला पुलिस के साथ जीआरपी व आरपीएफ मिलकर संयुक्त टीम गठित कर इस मामले की छानबीन में जुटी है. रेल एसपी असीम विक्रांत मिंज भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए छानबीन कर चुके हैं.
सीआईडी टीम कर…
रांची से सीआइडी के साहिबगंज और पाकुड़ के डीएसपी शशिभूषण को इसका जिम्मा सौंपा गया है. सीआइडी अब इस मामले की जांच कर रही है. शशिभूषण ने दूरभाष पर बताया कि अगर किसी शरारती तत्व का हाथ होता तो वे पेंड्रोल क्लिप को अपने साथ लेते जाते. मौके पर ही पेंड्रोल क्लिप छोड़ देने का मामला कुछ और संकेत कर रहा है. फिर भी मामले की जांच के बाद ही इसका खुलासा हो पायेगा. जल्द ही क्षेत्र का दौरा किया जायेगा.
बता दें कि गंगापुल के शिलान्यास को लेकर प्रधानमंत्री का आगमन होने वाला है. इसको लेकर सूबे की मुख्य सचिव भी साहिबगंज पहुंचने वाली हैं.
बड़ी रेल दुर्घटना को अंजाम देने की साजिश मान रही पुलिस
जिला पुलिस, जीआरपी व आरपीएफ की संयुक्त टीम छानबीन में जुटी
अलग-अलग मामला दर्ज कर छानबीन जारी
पीडब्ल्यूआई के कनीय अभियंता राजीव कुमार के बयान पर इस संबंध में जिरवाबाड़ी थाना में मामला दर्ज किया गया है. दूसरी ओर आरपीएफ भी इस संबंध में केस दर्ज कर छानबीन कर रही है. इधर, आरपीएफ के अवर निरीक्षक प्रदीप दहिया भी कहते हैं कि इस मामले में शरारत की गुंजाइश काफी कम दिखती है. फिलहाल केस दर्ज कर छानबीन की जा रही है.
