साहिबगंज से विकास जायसवाल की रिपोर्ट
Hul Diwas 2026: झारखंड के साहिबगंज जिले के बरहेट स्थित ऐतिहासिक भोगनाडीह गांव में आयोजित होने वाले 171वें अमर शहीद सिद्धू-कानू मुर्मू हूल दिवस समारोह से पहले प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाया है. शांति एवं विधि व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से भोगनाडीह के ग्राम प्रधान बबलू हासंदा, सिद्धू-कानू के वंशज मंडल मुर्मू समेत विभिन्न थाना क्षेत्रों के कुल 53 लोगों को नोटिस जारी किया गया है.
बरहेट थाना की रिपोर्ट पर हुई कार्रवाई
जानकारी के अनुसार बरहेट थाना प्रभारी द्वारा भेजे गए प्रतिवेदन के आधार पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 126/135 के तहत अनुमंडल पदाधिकारी, साहिबगंज अमर जॉन आईन्द की अदालत ने संबंधित लोगों को नोटिस जारी किया है. सभी को 29 जून 2026 को न्यायालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है.
एक वर्ष के बॉन्ड पेपर का निर्देश
नोटिस में संबंधित व्यक्तियों को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 111 के तहत 10 हजार रुपये अथवा इस राशि के बराबर दो प्रतिभूतियों के साथ एक वर्ष का बॉन्ड पेपर न्यायालय में जमा करने का निर्देश दिया गया है. प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई संभावित कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए एहतियातन की गई है.
नोटिस का हुआ विरोध
नोटिस जारी होने के बाद भोगनाडीह के ग्राम प्रधान बबलू हासंदा, सिद्धू-कानू के वंशज मंडल मुर्मू तथा अन्य लोगों ने इसका विरोध जताया. उन्होंने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे अनुचित बताया. उनका कहना है कि हूल दिवस आदिवासी समाज की अस्मिता और गौरव से जुड़ा ऐतिहासिक आयोजन है, ऐसे में इस प्रकार की कार्रवाई लोगों के बीच गलत संदेश दे रही है.
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पिछले साल हुआ था विवाद
वर्ष 2025 में हूल दिवस समारोह के दौरान भोगनाडीह में काफी हंगामा और विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई थी. उसी घटना को आधार बनाते हुए इस वर्ष प्रशासन पहले से सतर्क नजर आ रहा है. प्रशासन का उद्देश्य समारोह के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकते हुए शांति एवं विधि व्यवस्था बनाए रखना है.
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