साहिबगंज : 108 एंबुलेंस के कर्मी ने किया इनकार बेटी का शव लेकर भटकते रहे परिजन

साहिबगंज : नियम-कानून मानवता की हिफाजत के लिए बनाये जाते हैं. मगर कभी-कभी ये मानवता को शर्मसार कर देता है. ऐसा ही कुछ मामला साहिबगंज में देखने को मिला. दरअसल, राजमहल के पांचू टोला में घर की दीवार गिरने से एक बालिका गंभीर रूप से घायल हो गयी थी. उसे इलाज के लिए राजमहल अनुमंडलीय […]

साहिबगंज : नियम-कानून मानवता की हिफाजत के लिए बनाये जाते हैं. मगर कभी-कभी ये मानवता को शर्मसार कर देता है. ऐसा ही कुछ मामला साहिबगंज में देखने को मिला. दरअसल, राजमहल के पांचू टोला में घर की दीवार गिरने से एक बालिका गंभीर रूप से घायल हो गयी थी.
उसे इलाज के लिए राजमहल अनुमंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया. जहां से चिकित्सकों ने बच्ची को बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल रेफर कर दिया. परिजन बालिका को 108 वाहन से सदर अस्पताल ला रहे थे. परिजन का कहना है कि तालझारी के करीब ही बालिका की मौत हो जाती है. जिसकी जानकारी वाहन में बैठी सहिया वाहन कर्मी को देती है. मगर कर्मियों ने बच्ची के परिजन को ऑक्सीजन चलने की बात बताते हुए सदर अस्पताल पहुंचाया.
जहां चिकित्सक तरुण कुमार ने बालिका को मृत घोषित कर दिया. उसके बाद बच्ची की माता-पिता रोने लगे और शव को वापस राजमहल ले जाने का अनुरोध करने लगे. मगर नियम कानून का दुहाई देते हुए शव को वाहन से उतार दिया गया. सहिया अजमीरा बीबी ने बताया कि वाहन कर्मी ने मानवता की दुहाई देने के बावजूद उसकी एक ना सुनी.
वैसे भी वाहन को वापस खाली राजमहल ही जाना था. मगर बच्ची के शव को नहीं ले गया. अंत में बालिका के पिता शव को लेकर वाहन के लिए भटकते रहे. काफी देर बाद शव को टोटो से राजमहल ले गये. वहीं विधायक अनंत कुमार ओझा ने साहिबगंज को दो मोक्ष वाहन आवंटित कराया था. लेकिन इन वाहनों का इस्तेमाल शुरू नहीं किया गया है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >