एसपी ने की राहुल से पूछताछ

साहिबगंज : टीटीइ मिथिलेश कुमार दुबे के हत्या मामले में सोमवार को एसपी धनंजय कुमार सिंह नगर थाना पहुंच कर स्वयं मामले की जांच कर रहे हैं. मिथिलेश दुबे की पत्नी रश्मी देवी द्वारा लगाये गये आरोप पर भी पुलिस की जांच चल रही है. अब तक कई लोगों से पूछताछ पुलिस कर चुकी है. […]

साहिबगंज : टीटीइ मिथिलेश कुमार दुबे के हत्या मामले में सोमवार को एसपी धनंजय कुमार सिंह नगर थाना पहुंच कर स्वयं मामले की जांच कर रहे हैं. मिथिलेश दुबे की पत्नी रश्मी देवी द्वारा लगाये गये आरोप पर भी पुलिस की जांच चल रही है. अब तक कई लोगों से पूछताछ पुलिस कर चुकी है. वहीं मृतक के भांजा राहुल कुमार ओझा से भी पुलिस गहन पूछताछ कर रही है.

सोमवार की करीब 11:30 बजे मृतक के दूसरी बहन के पुत्र राम बिहारी ओझा उर्फ मनोज को भी नगर थाना बुलाकर लंबी पूछताछ की. राम बिहारी ओझा तत्काल गिरीडीह में जिला पुलिस के जवान हैं. वह मामा की मृत्यु का खबर सुन कर साहिबगंज आया था. वहीं दूसरी ओर एसपी द्वारा गठित टास्क फोर्स में नगर थाना प्रभारी सुनील टोपनो, बरहेट पुलिस निरीक्षक राधिका रमन मिंज, कोटालपोखर थाना प्रभारी मनोज कुमार, बोरियो थाना प्रभारी सुशील कुमार ने मामले जांच अभियान में जुटी है.

साहिबगंज : शहर के सकरूगढ़ में रहने वाले टीटीइ मिथिलेश दुबे का अंतिम संस्कार हिंदू रीति-रिवाज के साथ सोमवार को स्थानीय मुनीलाल शमशान घाट में किया गया. उनके पुत्र प्रियांशु दुबे ने नम आंखों से अपने पिता को मुखाग्नि दी. साथ ही पूरे परिवार के लोगो ने नम आंखों से टीटीइ मिथिलेश दुबे का अंतिम दाह संस्कार किया. अश्रुपूर्ण आंखों से श्री दुबे को विदाई दी गयी. जब मिथिलेश दुबे का शव अस्पताल से सुबह आठ बजे सकरूगढ़ स्थित आवास पर जैसे ही पहुंचा एंबुलेंस से उनको एक झलक देखने के लिए ईद-गिर्द उनके घरों के आसपास के लोग व परिजन, शुभचिंतक उमड़ पड़े. सभी के आंखों में पानी भर आया. पुत्र प्रियांशु दुबे का तो रो-रो कर बुरा हाल था. एक शब्द का रट्टा लगाये जा रहा था. पुत्र प्रियांशु ने कहा पापा बेटा मुझे कौन कहेगा. अब इसी शब्द से छाती पिटने लगा. लोगों ने पुत्र प्रियांशु को ढांढस बंधाया.
शव को देखते ही पत्नी रश्मि देवी का रो रो कर हुआ बुरा हाल. पत्नी अपने पुत्र से एक शब्द कहती रही बेटा दिल से बाबा को विदाई करो. बाबा घर जा रहे हैं. आज सोमवार है. भोले बाबा जा रहे हैं बेटा यही कह-कह कर पत्नी रश्मि देवी बेहोश हो जाती थी. पुत्री प्रज्ञा कुमारी अपने पिता एक झलक देखते ही पापा-पापा शब्दों का नाम लेते ही बेहोश होने लगी.
कई लोग सांत्वना देने पहुंचे घर पर : कई लोग मृतक के परिजन को सांत्वना देने घर पर पहुंचे. दो दिनों तक अस्पताल में शव के रहने के कारण लोगो को एक झलक पाने के लिये उत्सुकता थी.

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