उधवा
नियमों का उल्लंघन कर नाव में क्षमता से कई गुना अधिक यात्री और सामान लादा जा रहा है, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है. हाल ही में एक नाव के तल में छेद हो जाने से बीच नदी में अफरातफरी मच गई थी. इसके बावजूद कोई ठोस सुधार नहीं किया गया है. फेरी सेवा में लाइफ जैकेट, लाइफबोट और अन्य सुरक्षा उपकरणों का अभाव है. संचालक अधिक मुनाफा कमाने के लिए नियमों की अनदेखी कर रहे हैं. दियारा क्षेत्र के सैकड़ों लोग रोजाना इलाज, खेती, मजदूरी और अन्य कार्यों के लिए इसी सेवा पर निर्भर हैं.
निर्धारित किराया होने के बावजूद मनमाने ढंग से वसूली की जा रही है. प्रति व्यक्ति 50 रुपये और बाइक के साथ 100 रुपये लिए जा रहे हैं. अतिरिक्त सामान पर भी ज्यादा किराया वसूला जा रहा है.स्थानीय लोगों ने प्रशासन से क्षमता के अनुसार सवारी, उचित किराया और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है.
कोट
फेरी सेवा नियमित रूप से संचालन होना चाहिए. मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जायेगी.
जयंत कुमार तिवारी, बीडीओ सह सीओ