साहिबगंज सदर अस्पताल में शिशु की मौत हो गयी. इस पर परिजनों ने जमकर हंगामा किया. जिरवाबाडी थाना क्षेत्र के संध्या महाविद्यालय के समीप रहने वाले अजीत कुमार शर्मा की पत्नी नैना कुमारी सदर अस्पताल में प्रसव के लिए पहुंची, 26 मार्च की दोपहर दो बजे अस्पताल में भर्ती हुई. शाम सात बजे नॉर्मल डिलीवरी हुई, पुत्र को जन्म दिया. अजीत कुमार शर्मा ने कहा कि बच्चा का वजन 3 किलो 700 ग्राम बताया गया. डॉक्टर के द्वारा कहा गया कि बच्चे की तबीयत ठीक नहीं है, जिसके बाद बच्चों को एसएनसीयू में रखा गया. बच्चा नीला पड़ रहा था. मैंने जाकर डॉक्टर से पूछा कि मैं अपने बच्चे को बाहर लेकर जा सकता हूं, यदि नहीं ठीक हो रहा है. डॉक्टर ने कहा कि नहीं बच्चा ठीक है. 28 मार्च को दिनभर डॉक्टर नहीं आये. पूछने पर कहा गया कि डॉक्टर साहब छुट्टी पर हैं. मेरा बच्चा आठ नंबर बॉक्स में था फिर उसे नौ नंबर में कर दिया गया, जब मेरे बच्चे का ज्यादा तबीयत बिगड़ने लगी तो कॉल कर शाम को डॉक्टर को बुलाया गया. उसके बाद बच्चों को पंप करने लगा. थोड़ी देर बाद बुलाकर कहा कि आपका बच्चा अब नहीं रहा. अजीत कुमार शर्मा का आरोप है कि डॉक्टर की लापरवाही से मेरे बच्चे की जान गयी है. उधर, डॉक्टर फरोग हसन ने कहा कि बच्चे होने के 14 घंटे के बाद एसएनसीयू में भर्ती किया गया है. बच्चे जन्म के बाद रोया नहीं था, यदि बच्चा जन्म के बाद नहीं रोता है तो बीमारी सीधा दिमाग पर अटैक करता है. बच्चा दूध भी नहीं पी रहा था. उसका शरीर पहले से नीला पड़ रहा था, हमने अपनी तरफ से पूरी कोशिश की. शुरुआत से ही बच्चे की स्थिति ठीक नहीं थी.
सदर अस्पताल में नवजात की मौत पर हंगामा
, परिजनों ने लापरवाही का लगाया आरोप

साहिबगंज (फाइल फोटो)