रांची. कृषि विशेषज्ञ व बीएयू के पूर्व कृषि डीन डॉ एके सरकार ने कहा है कि मिट्टी व पर्यावरण को बिना नुकसान पहुंचाये भी उपज की पैदावार बढ़ायी जा सकती है. प्रकृति में आसानी से मिलने वाले प्राकृतिक तत्वों और जीवाणुओं का इस्तेमाल कर फ़सलों की लागत कम करते हुए उपज प्राप्त कर सकते हैं. इससे यह फायदा भी होगा कि पर्यावरण भी स्वच्छ रहेगा. डॉ सरकार मंगलवार को बीएयू अंतर्गत कृषि संकाय सभागार में प्रकृति सकारात्मक कृषि की अवधारणा विषय पर आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे.
कृषि उत्पादन को बढ़ाने पर भी प्रकाश डाला
डॉ सरकार ने झारखंड में कृषि उत्पादन को बढ़ाने एवं स्थायित्व पर भी प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि इससे भूमि क्षरण को कम, अजैविक और मृदा क्षरण को नियंत्रित, स्थायी और उच्च कृषि उत्पादन में सुधार और बढ़ती जनसंख्या के स्वास्थ्य और पोषण में सुधार किया जा सकता है. डॉ सरकार ने बताया कि प्राकृतिक खेती के लिए खेतों में जैविक कार्बन को बढ़ाने की काफी जरूरत है. इंडियन सोसाइटी ऑफ स्वॉयल साइंस नयी दिल्ली रांची चैप्टर आयोजित कार्यक्रम में कृषि डीन डॉ डीके साही, शोध निदेशक डॉ पीके सिंह और डीएसडब्ल्यू डॉ बीके अग्रवाल ने भी अपने विचार रखे. धन्यवाद ज्ञापन डॉ अरविंद कुमार ने किया.
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