रांची. आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश महतो ने कहा कि महिलाओं को केवल वोट बैंक और राजनीतिक कार्यक्रमों में भीड़ जुटाने का माध्यम समझने की मानसिकता बदलनी होगी. महिलाओं को नेतृत्व की कमान सौंपने के साथ उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम करना होगा. महिलाओं को मजबूत किये बिना झारखंड के समग्र विकास की कल्पना संभव नहीं है.
सोमवार को श्री महतो अपने आवासीय कार्यालय में आयोजित महिला संवाद एवं सदस्यता कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि महिला समूहों के गठन का उद्देश्य केवल बचत, लोन और रिकवरी तक सीमित नहीं था. इसका वास्तविक उद्देश्य महिलाओं को एकजुट कर उन्हें आर्थिक गतिविधियों, रोजगार, कारोबार और नेतृत्व से जोड़ना था.
उन्होंने कहा कि महिलाओं को छोटी-छोटी आर्थिक सहायता देकर केवल घर तक सीमित रखना समाधान नहीं है. लक्ष्य ऐसी "कमाओ दीदी" व्यवस्था तैयार करना है, जिसमें महिलाएं घर से सम्मान के साथ 10 से 20 हजार रुपये तक की आय अर्जित कर सकें.
महिलाओं ने नेतृत्व में भागीदारी पर दिया जोर
कार्यक्रम में प्रीति कुमारी, सीमा कुजूर, निशा उरांव, सुमन देवी, सरिता देवी, नेहा कच्छप, सुनीता देवी और उषा देवी ने भी विचार रखे. उन्होंने कहा कि महिलाओं को वोट बैंक और भीड़ के रूप में नहीं, बल्कि नेतृत्व की ताकत के रूप में देखा जाना चाहिए.
कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में महिलाओं ने आजसू पार्टी की सदस्यता ग्रहण की. कार्यक्रम की शुरुआत दिवंगत शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू को श्रद्धांजलि देने और दो मिनट का मौन रखने के साथ हुई.
मौके पर पार्टी के केंद्रीय महासचिव प्रो. रविशंकर मौर्य, परवाज खान, संजय महतो, वीणा देवी, अमन शहदेव और रूपा श्री गाड़ी सहित अन्य मौजूद थे.
