झारखंडी श्रमिकों के लिए हेमंत सोरेन सरकार ने की है खास व्यवस्था, इस योजना के तहत देती है बड़ी वित्तीय मदद

झारखंड सरकार के ज्वाइंट लेबर कमिश्नर राजेश प्रसाद के मुताबिक दिसंबर 2021 में राज्य से बाहर काम करने वाले श्रमिकों के लिए एक योजना शुरू की गई है. इसका नाम सेफ एंड रिस्पांसिबल माइग्रेशन इनिशिएटिव है. इसमें पंजीकृत मजदूरों को अनहोनी घटना पर विशेष वित्तीय मदद दी जाती है.

रांची: झारखंड से लाखों मजदूर दूसरे राज्यों में जाकर मजदूरी करते हैं. लेबर मिनिस्ट्री के आंकड़ों की मानें तो झारखंड से 10 लाख लेबर बाहर काम कर रहे हैं. खास बात यह है कि राज्य की हेमंत सोरेन सरकार ने इन मजदूरों का लेखा-जोखा रखने के लिए एक खास योजना चला रखी है. इसका सबसे बड़ा फायदा दुर्घटना में मौत पर मिलने वाला मुआवजा और परिवार को वित्तीय मदद है. यही नहीं सरकार ने घायल होने की स्थिति में भी अपने मजदूरों की मदद के लिए रकम मुकर्रर कर रखी है.

अनहोनी पर विशेष वित्तीय मदद देती है सरकार

झारखंड सरकार के ज्वाइंट लेबर कमिश्नर राजेश प्रसाद के मुताबिक दिसंबर 2021 में राज्य से बाहर काम करने वाले श्रमिकों के लिए एक योजना शुरू की गई है. इसका नाम सेफ एंड रिस्पांसिबल माइग्रेशन इनिशिएटिव है. इसमें पंजीकृत मजदूरों को अनहोनी घटना पर विशेष वित्तीय मदद दी जाती है.

Also Read: Uttarkashi Tunnel Rescue: गिरिडीह के दोनों मजदूरों के घर लौटीं खुशियां, विश्वजीत का भाई सुरंग के बाहर मुस्तैद

योजना से 1.39 लाख वर्कर पंजीकृत

झारखंड सरकार के ज्वाइंट लेबर कमिश्नर राजेश प्रसाद के मुताबिक इस योजना में 1.39 लाख वर्कर पंजीकृत हैं. सरकार ने इस योजना के तहत दुर्घटना में मौत पर 2 लाख रुपये के मुआवजे का प्रावधान किया है. साथ ही अपंजीकृत श्रमिकों के परिवार के लिए डेढ़ लाख रुपये का प्रावधान है. यही नहीं अगर काम के दौरान चोटिल होते हैं तो सरकार 1 लाख रुपये की वित्तीय मदद देगी. वहीं दूसरे मामलों में 75 हजार रुपये की वित्तीय सहायता देगी.

Also Read: Uttarkashi Tunnel Rescue:खुशखबरी पाकर रांची के तीनों मजदूरों के परिजनों के चेहरे पर लौटी रौनक, बांटीं मिठाइयां

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Guru Swarup Mishra

मैं गुरुस्वरूप मिश्रा. फिलवक्त डिजिटल मीडिया में कार्यरत. वर्ष 2008 से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पत्रकारिता की शुरुआत. आकाशवाणी रांची में आकस्मिक समाचार वाचक रहा. प्रिंट मीडिया (हिन्दुस्तान और पंचायतनामा) में फील्ड रिपोर्टिंग की. दैनिक भास्कर के लिए फ्रीलांसिंग. पत्रकारिता में डेढ़ दशक से अधिक का अनुभव. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एमए. 2020 और 2022 में लाडली मीडिया अवार्ड.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >