रांची (विशेष संवाददाता). रांची विश्वविद्यालय के अतिथि शिक्षकों ने रांची विवि प्रशासन से गुहार लगायी है कि वे उनकी सेवा फिर से बहाल करने की अनुशंसा करे. मंगलवार को प्रभावित अतिथि शिक्षक डॉ अरविंद प्रसाद के नेतृत्व में रांची विवि मुख्यालय पहुंचे, लेकिन कुलपति से मुलाकात नहीं हो सकी.
शिक्षकों ने कहा कि नीड बेस्ड शिक्षक की बहाली रोक दी गयी है, जबकि इस बहाली के तहत हमें प्राथमिकता देकर हमारी सेवा लेने का कैबिनेट में निर्णय हुआ था. लेकिन अब बहाली प्रक्रिया ही रोक दी गयी है. ऐसी स्थिति में रांची विवि उनकी अनुशंसा कर पुन: सेवा सुनिश्चित करे. शिक्षकों ने सेवानिवृत्त शिक्षकों से शैक्षणिक कार्य लेने का विरोध भी किया है. इस अवशर पर प्रेम शंकर तिवारी, डॉ जिज्ञासा ओझा, अमित कुमार, शशि शेखर, डॉ पूनम कुमारी, सूर्य सूरज कुमार विश्वकर्मा, शाहबाज आलम, डॉ मुमताज, डॉ रीना कुमारी, डॉ प्रियंका पोद्दार, सुजीत कुमार अनीश खाखा, प्रतीक लाल, निहाल खलखो, नाजिश हसन, चक्षु पाठक, डॉ सतीश तिर्की, आसिफ अली, डॉ शिखा, पूनम कुमारी आदि शिक्षक उपस्थित थे.विवि व कॉलेज 21 फरवरी को मनायेंगे मातृभाषा दिवस
रांची. केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने सभी विवि व कॉलेजों में 21 फरवरी 2025 को मातृभाषा दिवस के रूप में मनाने का निर्देश दिया है. केंद्र के निर्देश पर यूजीसी ने सभी विवि व कॉलेजों सहित उच्च शिक्षण संस्थानों में भी मातृभाषा दिवस मनाने के लिए कहा है. इसका उद्देश्य भारतीय भाषाओं की समृद्धि और जीवन शक्ति को बढ़ावा देने तथा भावना को बढ़ावा देना है. यूजीसी के सचिव ने कहा है कि भाषा केवल संचार का माध्यम नहीं है. यह संस्कृति की आत्मा है, ज्ञान का भंडार है. एनइपी ने भी बहुभाषावाद और भारतीय भाषाओं को बढ़ावा देने के लिए कहा है.,डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
