नगड़ी में आदिवासियों के प्रदर्शन पर केस से नाराज लोगों ने स्वास्थ्य मंत्री का पुतला जलाया

Tribals Protest: रांची के कांके में ‘नगड़ी बचाओ संघर्ष समिति’ के बैनर तले नगड़ी के आदिवासी किसानों और ग्रामीणों ने स्वास्थ्य मंत्री का पुतला जलाया. लोगों ने कहा कि वे रिम्स-2 परियोजना के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन वे अपनी खेतिहर जमीन पर इसे नहीं बनने देंगे. अस्पताल किसी बेकार या बंजर भूमि पर बन सकता है. खेतिहर जमीन चली जायेगी, वे आजीविका के लिए तरस जायेंगे.

Tribals Protest: झारखंड की राजधानी रांची में ‘नगड़ी बचाओ संघर्ष समिति’ (एनबीएसएस) के बैनर तले आदिवासी संगठनों ने बुधवार को झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी और कांके विधायक सुरेश बैठा का पुतला जलाया. यह प्रदर्शन रांची के नगड़ी क्षेत्र में एक स्वास्थ्य परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण का विरोध कर रहे ग्रामीणों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी के विरोध में किया गया.

24 अगस्त को नगड़ी में विरोध प्रदर्शन के बाद केस दर्ज

प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि पुलिस ने 24 अगस्त को रांची के नगड़ी में रिम्स-2 स्वास्थ्य परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण के खिलाफ आदिवासियों, किसानों और जमींदारों द्वारा किये गये विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर हिंसा करने और सरकारी कामकाज में बाधा डालने के लिए 85 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी.

प्रदर्शकारियों ने सरना रिंग रोड चौक पर जलाया पुतला

प्रदर्शनकारी कांके के सरना रिंग रोड चौक पर एकत्र हुए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पुतला दहन किया. एनबीएसएस की सीता कच्छप ने कहा, ‘निर्दोष लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी है. हम सरकार से इसे तुरंत वापस लेने की मांग करते हैं.’

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ग्रामीण बोले- हम अस्पताल के खिलाफ नहीं

उन्होंने कहा कि वे अस्पताल परियोजना के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन इसे बंजर या अनुपयोगी जमीन पर बनाया जा सकता है. झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने भी मंगलवार को ग्रामीणों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के लिए सरकार की आलोचना की.

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