रांची. जल जीवन मिशन (जेजेएम) के तहत झारखंड में संचालित ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं की गुणवत्ता और निर्माण कार्यों की अब थर्ड पार्टी एजेंसी (टीपीए) जांच करेगी. केंद्र सरकार के निर्देश के बाद एजेंसी के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. इसके लिए पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल रांची पश्चिम के कार्यपालक अभियंता ने रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) जारी किया है.
योजनाओं के इंजीनियरिंग कार्यों का निरीक्षण
चयनित एजेंसी को राज्य के नौ जोन और सर्किल में संचालित जलापूर्ति योजनाओं के इंजीनियरिंग कार्यों का निरीक्षण करना होगा. परियोजना की अवधि 31 दिसंबर 2028 तक निर्धारित की गई है. आरएफपी के अनुसार, एजेंसी ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं के सिविल, मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल घटकों से जुड़े इंजीनियरिंग कार्यों का थर्ड पार्टी निरीक्षण करेगी. इसका उद्देश्य योजनाओं में हो रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और निर्धारित मानकों के अनुसार उनके क्रियान्वयन की जांच करना है.
12 अक्टूबर तक ऑनलाइन आवेदन
एजेंसी के चयन को लेकर प्री-बिड बैठक 25 सितंबर को दोपहर तीन बजे सीडीओ, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, डोरंडा, रांची में होगी. ऑनलाइन आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 12 अक्टूबर को शाम पांच बजे तक निर्धारित की गई है. वहीं, हार्ड कॉपी जमा करने की अंतिम तिथि 13 अक्टूबर शाम चार बजे तक है. तकनीकी प्रस्ताव 13 अक्टूबर को शाम पांच बजे ऑनलाइन खोला जाएगा.
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परियोजना लागत कम से कम 10 करोड़
एजेंसी के लिए पिछले पांच वर्षों में कम से कम तीन समान कार्य पूरे करने की शर्त रखी गई है. प्रत्येक समान कार्य की परियोजना लागत कम से कम 10 करोड़ रुपये होनी चाहिए. इसके अलावा एजेंसी का भारत में कम से कम पांच वर्षों से पंजीकृत और संचालित होना तथा आईएसओ 9001 प्रमाणित होना जरूरी है. पिछले तीन वित्तीय वर्षों में एजेंसी का औसत वार्षिक टर्नओवर कम से कम 15 करोड़ रुपये होना चाहिए. इसके साथ जीएसटी, पैन और आकलन वर्ष 2026-27 का आयकर रिटर्न प्रमाणपत्र भी जमा करना होगा.
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34,870 योजनाओं पर चल रहा काम
जल जीवन मिशन के तहत राज्य में ग्रामीण पेयजलापूर्ति के लिए कुल 98,936 योजनाएं निर्धारित की गई हैं. इनमें 97,929 सिंगल विलेज स्कीम और 1,007 मल्टी विलेज स्कीम शामिल हैं. इनमें से 53,966 योजनाएं हैंडओवर की जा चुकी हैं, जबकि 34,870 योजनाओं पर अभी काम चल रहा है. इन योजनाओं की गुणवत्ता और निर्धारित मानकों के अनुसार काम हो रहा है या नहीं, इसकी जांच में थर्ड पार्टी एजेंसी की भूमिका महत्वपूर्ण होगी.
