Ranchi news : डीसी के जनता दरबार में पहुंचे वृद्ध को बॉडीगार्डों ने उठाकर फेंका

दो घंटे तक लोअर बाजार थाना में बैठाया, फिर जाकर छोड़ा गया

: दो घंटे तक लोअर बाजार थाना में बैठाया, फिर जाकर छोड़ा गया

: कमर में लगी गंभीर चोट, तीन दिनों से बेड रेस्ट में हैं सुमित मित्रा

रांची. आम जनता के कार्य कैसे बेहतर तरीके से हो. इसके लिए डीसी मंजूनाथ भजंत्री जनता दरबार लगाकर लोगों की समस्याएं सुनते हैं. लेकिन इसी जनता दरबार में आना थड़पखना निवासी 70 वर्षीय सुमित मित्रा को काफी महंगा पड़ गया. सोमवार को डीसी के जनता दरबार में पहुंचे बुजुर्ग की शिकायत तो डीसी तक नहीं पहुंचायी गयी. उलटे डीसी के अंगरक्षकों ने उन्हें उठाकर फेंक दिया. इससे उन्हें गंभीर चोट लगी है. पिछले तीन दिनों से वह बिस्तर से उठ नहीं पा जा रहे है. वृद्ध सुमित कुमार मित्रा के पिता ननी गोपाल मित्रा 67, 69 व 77 में जनसंघ व भाजपा से रांची विधानसभा सीट से विधायक भी रहे हैं.

घटना के संबंध में विस्तार से दी जानकारी: अपने साथ हुए इस घटना की जानकारी सुमित कुमार मित्रा ने केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, विधायक सीपी सिंह सहित भाजपा के अन्य नेताओं को दी है. घटना के संबंध में श्री मित्रा ने कहा कि वे सोमवार को जनता दरबार में सुबह आठ बजे ही पहुंच गये थे. अफसर 10 बजे के करीब आये. अब तक इस जनता दरबार में यह सिस्टम चलता था कि जो पहले पहुंचता था, उसकी शिकायत पहले सुनी जाती थी. लेकिन उस दिन यह सिस्टम बनाया गया नंबरिंग के हिसाब से नहीं, अंचल के अनुसार लोगों की समस्याएं सुनी जायेंगी. चूंकि मैं बुजुर्ग था, तो उतनी देर तक खड़ा नहीं रह सकता था. इसलिए मैं रूम नंबर 204 में जाकर बैठ गया. इस दौरान डीसी कार्यालय में तैनात कर्मियों ने मुझसे कहा कि वे इस रूम से बाहर निकल जायें. इस पर मैंने कहा कि मैं बुजुर्ग हूं, उतनी देर तक मैं बाहर खड़ा नहीं रह सकता. मुझे यहां बैठने दिया जाये. इस पर वहां कार्यरत कर्मी भड़क गये. दिन के तीन बजे के करीब मुझे मिलने के लिए बुलाया गया. मैं गेट से अंदर प्रवेश करने ही वाला था कि वहीं पर कार्यरत दो कर्मियों द्वारा मुझे रोक दिया गया. फिर डीसी के अंगरक्षकों को बुलाया गया. अंगरक्षकों ने मुझे बाहर ले जाकर पटक दिया. पटकने से मेरे सारे आवेदन बिखर गये. दर्द से मैं उठ नहीं पा रहा था. इसके बाद मुझे उठाकर कमरा नंबर 220 ले जाया गया. यहां लोअर बाजार की पुलिस आयी. मैं दर्द से कराह रहा था. लेकिन पुलिस मुझे उठाकर थाना ले आयी. मैंने थाना में कार्यरत कर्मियों से कहा कि मेरे खिलाफ जब कोई कंप्लेन नहीं है, तो मुझे यहां क्यों रखा गया है. लेकिन किसी ने कुछ नहीं सुना. दो घंटे बाद जब मुझे छोड़ा गया, तो मैंने डीसी के खिलाफ थाना में कंप्लेन देना चाहा, लेकिन किसी ने मेरा कंप्लेन नहीं लिया. थाना से मैं सीधे ऑर्किड अस्पताल आया. यहां डॉक्टरों ने एक्सरे आदि कर बताया कि आपके कमर व रीढ़ के हड़्डी में चोट है.

सीसीटीवी कैमरे की हो जांच, सच्चाई सामने आ जायेगी: अपने आरोपों के संबंध में श्री मित्रा ने कहा कि डीसी कार्यालय के हर कोने में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं. इसकी जांच करायी जाये. इस घटना में अफसर से लेकर कर्मी तक जो भी शामिल हैं, सभी पर कार्रवाई की जाये.

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By DEEPESH KUMAR

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